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पूरे देश ने किया योग, पीएम मोदी ने विशाखापट्टनम में आयोजित कार्यक्रम में लिया हिस्सा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाखापट्टनम में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने योग को वैश्विक संकटों के बीच मानवता के लिए एक ‘पॉज बटन’ बताया. पीएम मोदी ने कहा कि आज की भागदौड़ और हिंसा से भरी दुनिया में योग इंसान को रुककर सोचने, सांस लेने और खुद को फिर से संवारने का मौका देता है.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी योगाभ्यास किया. इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम रही-एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ सिर्फ एक श्लोक नहीं, बल्कि भारत का जीवनदर्शन है. यह दर्शन, दुनिया को जोड़ने का संदेश देता है.(

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की रही है. जब व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और मानवता के लिए सोचता है, तभी सच्चे अर्थों में विश्व का कल्याण संभव होता है. यही ‘मी से वी’ की भावना है, जो भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है और योग इसी सोच का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कहा कि आज दुनिया तनाव, अशांति और अस्थिरता से गुजर रही है. ऐसे वक्त में योग मानवता को रुकने, सोचने और खुद को संतुलित करने का मौका देता है. उन्होंने कहा कि योग उस ‘पॉज बटन’ की तरह है जिसकी इंसानियत को जरूरत है, ताकि हम फिर से खुद को संपूर्ण महसूस कर सकें.

पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि योग अहंकार को खत्म करता है और इंसान को ‘मी से वी’ की ओर ले जाता है. यानी, यह व्यक्ति को खुद से ऊपर उठाकर समाज और विश्व से जोड़ता है. योग सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि वैश्विक एकता और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करने वाला साधन है.

प्रधानमंत्री ने अपील की कि योग सिर्फ एक व्यक्तिगत अभ्यास न रहे, बल्कि उसे वैश्विक साझेदारी का माध्यम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि योग को नीति का हिस्सा बनाया जाए और दुनियाभर के नागरिक इसे अपने जीवन में अपनाएं. अगर जनता किसी लक्ष्य को अपना लेती है तो उस लक्ष्य को हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विशाखापट्टनम में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने योग को वैश्विक संकटों के बीच मानवता के लिए एक ‘पॉज बटन’ बताया. पीएम मोदी ने कहा कि आज की भागदौड़ और हिंसा से भरी दुनिया में योग इंसान को रुककर सोचने, सांस लेने और खुद को फिर से संवारने का मौका देता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को एक ऐसी साधना बताया जो राष्ट्रीयता, समुदाय और व्यक्तिगत सीमाओं से परे है. उन्होंने कहा कि योग का संदेश हर व्यक्ति के लिए है,चाहे उसकी पृष्ठभूमि, उम्र या क्षमता कुछ भी हो.पीएम मोदी ने कहा कि चाहे सिडनी ओपेरा हाउस हो, माउंट एवरेस्ट हो या फिर समुद्र की गहराई है. हर जगह से यही संदेश जाता है कि योग सभी के लिए है.

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