बालोद बस स्टैंड में सफाई का महाअभियान — मीडिया की खबर ने जगाई प्रशासन की नींद!

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद ज़िला मुख्यालय का शहीद वीर नारायण सिंह बस स्टैंड, जो अब तक गंदगी और अव्यवस्था का प्रतीक बन चुका था, आखिरकार स्वच्छता अभियान का केंद्र बन गया है।
पार्षद सुमित शर्मा ने बताया कि
वर्षों से यात्रियों की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे, लेकिन जैसे ही स्थानीय मीडिया ने इस लापरवाही को उजागर किया, नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया।सुबह-सुबह नगर पालिका की सफाई टीम पूरी तैयारी के साथ बस स्टैंड पहुंची और पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। शौचालयों को धोया गया, दुर्गंध मिटाने के लिए कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया, वहीं परिसर और आस-पास फैले कचरे को भी साफ किया गया। नालियों की सफाई कर जल निकासी की स्थिति सुधारी गई। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे यात्रियों ने राहत की सांस ली और कहा कि अब बस स्टैंड की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिख रहा है नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, अब बस स्टैंड की स्वच्छता पर रोजाना निगरानी रखने के लिए एक विशेष दल गठित किया गया है। यह टीम नियमित निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही, बस स्टैंड प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की मूलभूत सुविधाएं — जैसे पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, और रोशनी — हमेशा दुरुस्त रहें।गौरतलब है कि बालोद का यह बस स्टैंड जिले का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री आते-जाते हैं। लेकिन लंबे समय से रखरखाव की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण यहां गंदगी, दुर्गंध और असुविधा यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। मीडिया की खबर प्रसारित होते ही प्रशासन की तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि पत्रकारिता आज भी जनहित की सशक्त आवाज है।स्थानीय नागरिकों ने भी इस अभियान की सराहना की और कहा कि यदि प्रशासन इसी तरह लगातार निगरानी रखे तो बस स्टैंड को “स्वच्छता का प्रतीक” बनाया जा सकता है। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सफाई केवल एक दिन की दिखावे वाली कार्रवाई न होकर रोजमर्रा की जिम्मेदारी होनी चाहिए।प्रशासन की ओर से बताया गया है कि बस स्टैंड क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच की जाएगी, ताकि गंदगी फैलाने वालों पर नज़र रखी जा सके। साथ ही पूरे परिसर में “स्वच्छ बालोद – सुंदर बालोद” के बैनर लगाए जाएंगे, जिससे नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।अंततः यह कहा जा सकता है कि जब जनता की पीड़ा मीडिया के ज़रिए प्रशासन तक पहुँचती है, तो बदलाव संभव हो जाता है। शहीद वीर नारायण सिंह बस स्टैंड की यह ताज़ा तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति और जिम्मेदारी दोनों साथ हों, तो गंदगी से चमक तक का सफर नामुमकिन नहीं।



