वार्ड में दहशत फैलाने का आरोप! राजहरा पुलिस की सख्त कार्रवाई,
न्यायालय के आदेश पर आरोपी अनिकेत देशलहरे भेजा गया जेल

संपादक:- मीनू साहू
दल्ली राजहरा | AD न्यूज
छत्तीसगढ़ के बालोद जिला के दल्ली राजहरा में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले मामलों पर पुलिस ने सख्ती का संकेत देते हुए एक आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। वार्ड में भय का वातावरण बनाने, शिकायतकर्ता परिवार को लगातार परेशान करने तथा मामला वापस लेने के लिए कथित दबाव बनाने के आरोपों के बीच राजहरा पुलिस ने आरोपी अनिकेत देशलहरे को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को वार्ड निवासी भीम उईके एवं उनके परिवार के साथ मारपीट की शिकायत थाना राजहरा में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3) एवं 115(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान पुलिस के समक्ष यह भी शिकायत आई कि आरोपी कथित रूप से प्रार्थी पक्ष पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहा था। साथ ही वार्ड में डर और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न कर लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी सामने आए। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को आरोपी के विरुद्ध इस्तगाशा क्रमांक 47/143/2026 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 एवं 135(3) के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा यदि क्षेत्र में अशांति फैलाने, लोगों को धमकाने, दबाव बनाने अथवा भय का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जाएगा, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुरूप कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
AD न्यूज़ स्पष्ट करता है कि आरोपी के विरुद्ध यह जानकारी पुलिस द्वारा जारी विवरण पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति का दोष या निर्दोष होना अंततः न्यायालय में विचाराधीन प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगा। निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान सर्वोपरि है।



