रंगों की गूंज से गूंजा निगम भवन सद्भाव संस्कार और उत्साह का अनूठा संगम

रिपोर्टर :- गोपाल निर्मलकर
दुर्ग:- छत्तीसगढ़ में नगर निगम दुर्ग के प्रांगण में रंग, रस और रिश्तों का ऐसा समागम दिखा जिसने पूरे माहौल को उल्लास से भर दिया। अवसर था होलिका दहन और पुष्प-होली उत्सव का, जहां जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने मिलकर सौहार्द का जीवंत संदेश दिया।कार्यक्रम में शहर की प्रथम नागरिक अलका बाघमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ संस्कृति एवं मनोरंजन विभाग की प्रभारी हर्षिका संभव जैन, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले तथा अनेक पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी उत्सव में सहभागी बने। सभी ने एक-दूसरे पर पुष्पवर्षा कर प्रेम और एकता का संदेश फैलाया।भक्ति गीतों की मधुर स्वर-लहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। “होली खेले रघुवीरा” जैसे भजनों पर जनप्रतिनिधि और कर्मचारी समान उत्साह से झूमते नजर आए। यह दृश्य केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सामूहिक समर्पण और संगठनात्मक एकता का प्रतीक था।महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय और कटुता पर प्रेम की जीत का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सामाजिक भेदभाव को त्यागकर आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लें। उनका कहना था कि जब जनप्रतिनिधि और कर्मचारी एक मंच पर मिलकर त्योहार मनाते हैं, तो यह शहर के लिए सकारात्मक संकेत होता है।प्रभारी हर्षिका संभव जैन ने नागरिकों को संदेश दिया कि रंगों का यह पर्व केवल उल्लास का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का माध्यम भी है। उन्होंने सभी से संयम और सौहार्द के साथ उत्सव मनाने की अपील की।निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और कार्य संस्कृति को मजबूत बनाते हैं। रंगों और संगीत के इस संगम ने प्रशासनिक परिवार के भीतर सहयोग और आत्मीयता की भावना को और प्रगाढ़ किया।समारोह के दौरान पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब दिल मिलते हैं, तो रंग और भी गहरे हो जाते हैं। इस प्रेरक आयोजन ने पूरे नगर को यह संदेश दिया कि सच्चा उत्सव वही है, जहां प्रेम, विश्वास और सकारात्मकता का रंग सबसे गाढ़ा हो।



