तेज रफ्तार का कहर पलारी में लापरवाही ने छीनी मुस्कान जिम्मेदारी कब समझेगा समाज?

रिपोर्टर :- उत्तम साहु
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में गुरुर ब्लॉक के नगर पंचायत पलारी के बजरंग चौक के समीप एक बार फिर रफ्तार ने अपना निर्दयी चेहरा दिखाया। धमतरी की दिशा से बेकाबू गति में आ रही एक अज्ञात कार ने पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी और चालक बिना रुके गुंडरदेही की ओर भाग निकला। यह केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि संवेदनहीनता और कानून के भय के क्षीण होते असर का जीवंत उदाहरण है।इस भयावह टक्कर में ग्राम सनौद निवासी चुमेंद दास गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका दाहिना पैर बुरी तरह कुचल गया, मानो लापरवाही ने इंसानियत को ही रौंद दिया हो। सड़क पर बिखरा दर्द केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। जब वाहन की गति नियंत्रण से बाहर होती है, तब परिणाम सिर्फ घाव नहीं देते, बल्कि भविष्य तक प्रभावित कर देते हैं।घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। समय रहते 108 एंबुलेंस सेवा पलारी पहुंची और हालात की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद घायल को जिला चिकित्सालय धमतरी रेफर किया गया। यह त्वरित कार्रवाई जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, परंतु प्रश्न अब भी खड़ा है—आखिर कब तक बेपरवाह चालक अपनी मनमानी से निर्दोषों को संकट में डालते रहेंगे?सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की परीक्षा भी हैं। वाहन चलाना अधिकार के साथ कर्तव्य भी है। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और दुर्घटना के बाद फरार हो जाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानवता के विरुद्ध अपराध है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भय और अनुशासन का संतुलन कायम रहे।यह घटना समाज को झकझोरने वाली है। हर चालक को समझना होगा कि कुछ सेकंड की जल्दबाजी किसी का पूरा जीवन बदल सकती है। जागरूकता, संयम और संवेदनशीलता ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी हैं। अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर सड़क सुरक्षा को केवल नारा न बनाएं, बल्कि जीवन का अनिवार्य सिद्धांत बनाएं।



