खरथूली में गूंजा फाग का उत्सव संस्कृति, संकल्प और विकास का संगम

संपादक :- मीनू साहु
बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के ग्राम खरथूली की धरती उस समय उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर उठी जब यहां भव्य फाग प्रतियोगिता महोत्सव का आयोजन किया गया। रंग, राग और लोक परंपरा के इस अनूठे संगम ने पूरे गांव को उत्सवमय बना दिया। ढोलक की थाप, झांझ की झंकार और फाग गीतों की मधुर गूंज के बीच ग्रामवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरक प्रयास साबित हुआ।इस गरिमामयी आयोजन में जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा नेता सौरभ जैन ने की। मंच पर पहुंचते ही अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में अपनापन और सम्मान का भाव झलक उठा।कार्यक्रम के दौरान जब फाग मंडलियों ने अपनी प्रस्तुति दी तो पूरा मैदान लोकधुनों की लय में झूम उठा। कलाकारों की आवाज़ में वह मिट्टी की खुशबू थी, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी, जिसने साबित कर दिया कि गांव की पहचान उसकी परंपराओं से ही मजबूत होती है।अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि तोमन साहू ने ग्रामवासियों के उत्साह और सांस्कृतिक प्रेम की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्य मार्ग से ग्राम खरथूली तक पहुंचने वाले कच्चे (धरशा) रास्ते को जल्द ही पक्के डामरीकरण मार्ग में परिवर्तित कराया जाएगा। उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि जब तक यह सड़क बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक वे दोबारा गांव का दौरा नहीं करेंगे। यह घोषणा सुनते ही उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई।इसके साथ ही उन्होंने ग्रामवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक सार्वजनिक शौचालय निर्माण की भी घोषणा की। उनका कहना था कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के अध्यक्ष सौरभ जैन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखें, क्योंकि यही हमारी असली पहचान है।फाग महोत्सव का यह आयोजन केवल मनोरंजन का मंच नहीं रहा, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और विकास के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। ग्राम खरथूली ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब संस्कृति और जनसहभागिता एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तब गांव केवल बसते नहीं—बल्कि प्रगति की नई कहानी भी लिखते हैं।



