सेवा, समर्पण और स्वच्छता का संगम पेंड्री मेडिकल कॉलेज बना जन-जीवन का मजबूत सहारा”

राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला स्थित पेंड्री गांव में बना भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज अस्पताल आज सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए उम्मीद, विश्वास और जीवन का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यहां की स्वास्थ्य सेवाएं हर दिन यह साबित कर रही हैं कि जब नीयत सेवा की हो और व्यवस्था मजबूत हो, तो सरकारी संस्थान भी मिसाल कायम कर सकते हैं।
डॉक्टरों की प्रतिबद्धता हर जीवन की जिम्मेदारी
इस अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ डॉक्टरों से लेकर जूनियर डॉक्टरों तक, सभी की कार्यशैली में एक विशेष समर्पण झलकता है। खासकर प्रसूति (डिलीवरी) सेवाओं में यहां का प्रदर्शन सराहनीय है। जच्चा और बच्चा दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिस दक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रसव कराए जाते हैं, वह इस संस्थान को अन्य अस्पतालों से अलग पहचान दिलाता है।
नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी टीम सेवा की रीढ़
नर्स, वार्ड बॉय, और अन्य सहयोगी कर्मचारी हर समय मरीजों की देखभाल में तत्पर रहते हैं। उनकी सतर्कता और मानवीय व्यवहार मरीजों और उनके परिजनों को भरोसा देता है कि वे सुरक्षित हाथों में हैं।
सफाई और सुरक्षा स्वस्थ व्यवस्था की नींव
अस्पताल की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मेटा कंपनी के गार्ड और सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी मेहनत से अस्पताल परिसर स्वच्छ, व्यवस्थित और संक्रमण मुक्त बना रहता है। यही कारण है कि यहां का वातावरण न केवल उपचार के लिए अनुकूल है, बल्कि मरीजों के मनोबल को भी मजबूत करता है।
कैंटीन और अन्य सेवाएं हर जरूरत का ध्यान
अस्पताल में कैंटीन कर्मियों से लेकर तकनीकी विभाग तक, हर इकाई मरीजों और उनके परिजनों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखती है। यह समन्वय ही इस संस्थान को एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र बनाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का हकदार
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यहां की पूरी टीम—डॉक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड और अन्य सहयोगी—अपनी सेवा भावना से देश के मानस पटल पर गहरी छाप छोड़ रहे हैं। उनकी निष्ठा और समर्पण को देखते हुए यह संस्थान और इसकी टीम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए पूर्ण रूप से पात्र नजर आती है।
एक प्रेरणादायक मॉडल
पेंड्री का यह मेडिकल कॉलेज अस्पताल आज उस सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, जहां सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। यह संस्थान न केवल इलाज दे रहा है, बल्कि विश्वास भी जगा रहा है—और यही किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता होती है।



