हमर छत्तीसगढ़

अहिंसा की गूंज से जगमगाया बालोद महावीर जयंती पर “जियो और जीने दो” का बुलंद संदेश

विशेष रिपोर्ट

बालोद:- अहिंसा, सत्य और करुणा के अमर संदेशवाहक भगवान महावीर के जन्मकल्याणक महोत्सव महावीर जयंती के पावन अवसर पर जिले भर में श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी पंकज जैन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महावीर स्वामी के सिद्धांतों को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

उन्होंने कहा कि आज का दौर भौतिकता, प्रतिस्पर्धा और मानसिक अशांति से भरा हुआ है, ऐसे में महावीर स्वामी का “जियो और जीने दो” का संदेश मानवता को नई दिशा देने वाला है। यह सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धति है, जो समाज में सहिष्णुता, प्रेम और संतुलन स्थापित करता है।

पंकज जैन ने आगे कहा कि अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से दूर रहना नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी को आहत न करने का संकल्प है। वहीं अपरिग्रह हमें अनावश्यक संग्रह से दूर रहकर संतोष का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। अनेकांतवाद का सिद्धांत समाज में विचारों के मतभेद को स्वीकार कर आपसी सम्मान और संवाद को मजबूत करता है।

दृढ़ता के साथ जोर देकर कहा कि यदि इन मूल्यों को व्यवहार में उतार लिया जाए, तो सामाजिक वैमनस्य, द्वेष और संघर्ष जैसी समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं। आज जरूरत है कि हर व्यक्ति अपने भीतर झांके और आत्मशुद्धि के मार्ग पर अग्रसर हो।

महावीर जयंती के इस विशेष अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम, प्रभात फेरी और समाजोपयोगी गतिविधियों का आयोजन किया गया। लोगों ने शांति, संयम और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

अंत में पंकज जैन ने सभी से अपील किया कि वे महावीर स्वामी की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर एक ऐसे समाज के निर्माण में सहयोग करें, जहाँ मानवता सर्वोपरि हो और हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

जय जिनेंद्र! 

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