मानवाधिकार की आवाज़ बुलंद छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन का भव्य आगाज़

संपादक:- मीनू साहू
दुर्ग:– छत्तीसगढ़ में मानवाधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा देते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के दुर्ग में प्रदेश कार्यालय का विधिवत उद्घाटन उत्साह और जोश के माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को जनसरोकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान बना दिया।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश चंद दुबे ने उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल कार्यालय खोलना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की आवाज़ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन को छत्तीसगढ़ के हर जिले, हर ब्लॉक और गांव तक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए मजबूत टीमों का गठन कर पीड़ित, शोषित और वंचित लोगों को कानूनी एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में मानवाधिकारों की रक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। संगठन हर उस व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा, जिसे अन्याय, अत्याचार या भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि समाज में न्याय, समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह अलवर एवं महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष चमन कंवर का विशेष मार्गदर्शन भी चर्चा का केंद्र रहा। वक्ताओं ने कहा कि संगठन देशभर में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है और छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनेगी।इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश चंद दुबे के साथ अशोक कुमार, पी.सी. श्रीवास्तव, अरविंद कुमार तिवारी, सुकांत, सीमा सिंह, हरीश गोयल, विकास शर्मा और रितेश गोयल सहित कई पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का माहौल जोश, प्रतिबद्धता और सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत दिखाई दिया। मंच से एक स्वर में यह संकल्प लिया गया कि मानवाधिकारों की रक्षा, पीड़ितों को न्याय और समाज में सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए संगठन निरंतर संघर्ष करता रहेगा।




