समता का शंखनाद 14 अप्रैल को उमड़ेगा जनसैलाब, निकलेगी ऐतिहासिक महारैली

संपादक:- मीनू साहू
रिपोर्टर :- गोपाल निर्मलकर
दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला में भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जयंती के पावन अवसर पर 14 अप्रैल को भिलाई में एक भव्य, विराट और जोश से भरी राज्य स्तरीय सार्वजनिक जयंती महोत्सव एवं महारैली का आयोजन होने जा रहा है। बीते 25 वर्षों से भी अधिक समय से निरंतर आयोजित इस गौरवशाली परंपरा को इस वर्ष और अधिक उत्साह, ऊर्जा और सामाजिक एकता के संदेश के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।प्रातः 12 बजे से पावर हाउस स्थित आम्बेडकर चौक से शुरू होने वाला यह महाआयोजन पूरे क्षेत्र में समता, न्याय और बंधुत्व का संदेश फैलाएगा। इस ऐतिहासिक रैली में समाज के हर वर्ग—अल्पसंख्यक, बौद्ध, सिख, ईसाई, मुस्लिम, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं जागरूक सामान्य नागरिक—एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाग लेंगे। राष्ट्रध्वज तिरंगा, पंचशील ध्वज और नीले झंडों के साथ यह जनसैलाब सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करेगा।रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए पूरे भिलाई अंचल को एकता के रंग में रंग देगी। अलग-अलग क्षेत्रों से निकलने वाली टोलियां शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अंततः आम्बेडकर चौक पहुंचेंगी, जहां भव्य जयंती मेला एवं समारोह का आयोजन होगा। इस दौरान सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाएगी।विशेष बात यह है कि आम्बेडकर प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण भी तेज़ी से किया जा रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक आयोजन की गरिमा और बढ़ेगी। कार्यक्रम में भाग लेने वाली रैलियों में जो सबसे आकर्षक, अनुशासित और प्रभावशाली होगी, उसके नेतृत्वकर्ताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।इस अवसर पर विशाल जनसमूह के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई है, जिससे यह आयोजन केवल एक रैली नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का उत्सव बन जाएगा।
आइए, 14 अप्रैल को इतिहास रचें—समता, अधिकार और सम्मान की इस आवाज़ को और बुलंद करें!



