कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन में नई नियुक्ति के.एल. टाडेकर बने राष्ट्रीय संरक्षक (छत्तीसगढ़ गण राज्य)

संपादक:- मीनू साहू
छत्तीसगढ़:- सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कार्यरत कर्त्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन में संगठनात्मक विस्तार के तहत महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर ने के.एल. टाडेकर (सेवानिवृत्त प्राचार्य, दिग्विजय कॉलेज) से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए उन्हें राष्ट्रीय संरक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय दिलाना, संविधान के मूल्यों की रक्षा करना और समान भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में समर्पित, सक्रिय और अनुभवी व्यक्तियों को संगठन में दायित्व दिए जा रहे हैं, ताकि इसे जमीनी स्तर तक सशक्त बनाया जा सके।
नवनियुक्त संरक्षक के.एल. टाडेकर लंबे समय से सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं तथा प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि उनका अनुभव, सक्रियता और नेतृत्व क्षमता उन्हें इस दायित्व के लिए उपयुक्त बनाती है। उनके मार्गदर्शन में संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
के.एल. टाडेकर ने इस जिम्मेदारी के लिए संगठन के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन को प्रदेश के प्रत्येक जिले, शहर और गांव तक विस्तार देना तथा वंचित और जरूरतमंद वर्गों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत बनाना, युवाओं को जोड़ना और समाज में जागरूकता बढ़ाना होगी।

संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने के.एल. टाडेकर को राष्ट्रीय संरक्षक बनाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा सामाजिक न्याय और समान भागीदारी के उद्देश्य को नई गति मिलेगी।



