बेलरगांव की जनता का फूटा गुस्सा बैंक नहीं, अस्पताल खंडहर, सड़क बदहाल… सुशासन तिहार में जनपद सदस्य नंदनी साहू ने प्रशासन को घेरा

संपादक :- मीनू साहू
नगरी/धमतरी:- छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के नगरी जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 अंतर्गत बेलरगांव में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर उस समय गरमा गया, जब जनपद सदस्य नंदनी साहू ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि नंदनी साहू ने साफ शब्दों में कहा कि “तहसील का दर्जा मिलने के बाद भी यदि जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए 23 किलोमीटर दूर भटकना पड़े, तो यह विकास नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है।”
उन्होंने सबसे पहले बेलरगांव में जिला सहकारी बैंक शाखा खोलने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। बताया गया कि बेलरगांव तहसील मुख्यालय के अंतर्गत 32 पंचायतें आती हैं, लेकिन यहां सहकारी बैंक की सुविधा नहीं है। बैंक संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्रामीणों को 23 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे किसान, मजदूर, बुजुर्ग और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नंदनी साहू ने मांग रखी कि बेलरगांव, घुटकेल, गट्टासिल्ली, सेमरा, गढ़डोंगरी, कसपुर और घुरावड़ क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए बेलरगांव में तत्काल जिला सहकारी बैंक की स्थापना की जाए।
शिविर में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली भी बड़ा मुद्दा बनी। बेलर अस्पताल भवन को “बंजर और जर्जर ढांचा” बताते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग उठाई गई। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद उप स्वास्थ्य केंद्रों की हालत खस्ताहाल बताई गई, जहां इलाज तो दूर, मूलभूत सुविधाएं तक नदारद हैं।नंदनी साहू ने राशन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की कई महिलाओं का नाम राशन कार्ड से काट दिया गया है, जिससे गरीब और बुजुर्ग महिलाएं खाद्यान्न के लिए परेशान हो रही हैं। यह सीधा अन्याय है और शासन को तत्काल सुधार करना चाहिए।शि
शिक्षा और सड़क व्यवस्था को लेकर भी तीखा आक्रोश सामने आया। हाईस्कूल में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा गया कि बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेला जा रहा है। वहीं साकरा से जैतपुरी सड़क की जर्जर हालत को लेकर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा बन गया है।
सुशासन तिहार के मंच पर उठे इन सवालों ने यह साफ कर दिया कि बेलरगांव क्षेत्र अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि जनता अब अपने अधिकार और मूलभूत सुविधाओं के लिए खुलकर आवाज उठाने लगी है।



