हमर छत्तीसगढ़

जनहित की आवाज बने मोहन निषाद, विरोध के बावजूद बढ़ रही लोकप्रियता

 

बालोद :- छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के डौंडीलोहारा क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहने वाले मोहन निषाद इन दिनों क्षेत्रीय चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। किसान हित, युवाओं के भविष्य और सामाजिक मुद्दों पर लगातार मुखर रहने वाले मोहन निषाद को ग्रामीण इलाकों में व्यापक समर्थन मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ विरोधी मानसिकता के लोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता से असहज नजर आ रहे हैं और विभिन्न माध्यमों से उनकी छवि प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों के अनुसार मोहन निषाद लंबे समय से आम नागरिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते आए हैं। किसानों की आर्थिक परेशानियों से लेकर बेरोजगार युवाओं की मांगों तक उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है। सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें आम जनता का भरोसा हासिल हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे हमेशा निष्पक्ष सोच और स्पष्ट विचारधारा के साथ कार्य करते हैं।

मोहन निषाद केवल सामाजिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खेल जगत में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर उन्होंने अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया था। यही वजह है कि युवाओं के बीच भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। खेल और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण वे लगातार लोगों के संपर्क में बने रहते हैं।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जनसमर्थन बढ़ने के साथ-साथ कुछ लोग व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से उन्हें विवादों में लाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्वार्थी तत्व प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि आम लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी और समाजहित के उद्देश्य से कार्य कर रहा हो, तो उसके खिलाफ की गई नकारात्मक कोशिशें अधिक समय तक सफल नहीं हो सकतीं।

क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि सच्चाई और जनसेवा की भावना अंततः लोगों के विश्वास को मजबूत करती है। डौंडीलोहारा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग खुलकर मोहन निषाद के समर्थन में सामने आ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित न हो और जनहित में कार्य करने वालों का मनोबल बना रहे।

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