भारत माता तैलचित्र वितरण अभियान में राजनांदगांव के बजरंगपुर नवगांव में अनिल साहू और टीम का उत्साह देखते ही बना

राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में राष्ट्रभावना को घर–घर तक पहुँचाने और सामाजिक तथा सांस्कृतिक जागरण का संदेश जनमानस में फैलाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायी अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। वार्ड बजरंगपुर नवगांव में भारत माता के तैल चित्र को प्रत्येक घर तक पहुँचाने का यह अनूठा प्रयास स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच नया जोश और ऊर्जा भर रहा है। इस अभियान की अगुवाई अनिल साहू कर रहे हैं, जिनके नेतृत्व में युवा साथियों की पूरी टीम अत्यंत सक्रियता और अनुशासन के साथ कार्य कर रही है।अभियान का मूल उद्देश्य केवल चित्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और संगठन के मूल संदेशों को जन-जन तक पहुँचाना भी प्रमुख लक्ष्य है। अनिल साहू और उनके सहयोगी घर-घर जाकर लोगों को इस अभियान के महत्व से अवगत करा रहे हैं। वे बताते हैं कि भारत माता के चित्र को घर में लगाना केवल एक धार्मिक या औपचारिक क्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र सम्मान, सांस्कृतिक चेतना और समाज के प्रति कर्तव्यबोध का प्रतीक है।अभियान के दौरान टीम जहाँ भी पहुँचती है, वहाँ लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। परिवारों द्वारा भारत माता के तैलचित्र को सम्मानपूर्वक ग्रहण करना, इस अभियान को और भी प्रेरणादायी बना देता है। कई लोग आगे बढ़कर स्वयं यह संकल्प भी ले रहे हैं कि वे अपने आस-पास के मोहल्लों में भी इस संदेश को फैलाएंगे। इस तरह अभियान का प्रभाव केवल एक वार्ड तक सीमित न रहकर आसपास के क्षेत्रों में भी फैलने लगा है।अभियान में शामिल युवाओं की ऊर्जा और समर्पण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वे सुबह से देर शाम तक घर-घर पहुँचकर लोगों से संवाद स्थापित करते हैं, छोटे-छोटे समूहों में बैठकर राष्ट्रभावना और सामाजिक एकता पर चर्चा करते हैं, और नागरिकों को समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने हेतु प्रेरित करते हैं। इस अभियान की सबसे सुंदर बात यह है कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक और जनसहभागिता आधारित है।अनिल साहू खेमलाल साहू, योगेश साहू , नंदलाल साहू, लेखचंद साहू और लेखराम साहू बताते हैं कि यह पहल केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत सांस्कृतिक आधार तैयार करने का प्रयास है। उनका कहना है कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, समाज के प्रति जिम्मेदारी और संस्कृति के प्रति सम्मान—ये सभी मूल्य तभी मजबूत बनते हैं जब इन्हें घर–परिवार स्तर पर समझाया जाए और भावनात्मक रूप से अपनाया जाए। इसी सोच के साथ उनकी टीम पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।अभियान के दौरान टीम यह भी सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक परिवार को यह स्पष्ट संदेश दिया जाए कि भारत माता का चित्र केवल दीवार की शोभा नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों का स्मरण है, जिनके कारण हमारा देश विविधता में एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का उदाहरण है। बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उनमें राष्ट्रहित और समाजसेवा की सकारात्मक सोच विकसित हो सके।वार्ड में जब टीम पहुंचती है, तो कई स्थानों पर स्थानीय नागरिक सहयोग का भाव दिखाते हैं। यह जनसहयोग इस बात का संकेत है कि लोग ऐसे राष्ट्रनिर्माण के कार्यों को सराहते हैं और उनमें सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। कई बुजुर्ग नागरिकों ने टीम के सदस्यों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज की नींव को मजबूत करते हैं और युवाओं में सही दिशा का संचार करते हैं।इस अभियान के माध्यम से न केवल भारत माता के तैलचित्र का वितरण हो रहा है, बल्कि सकारात्मक सामाजिक संदेश, सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक मूल्यों की भावना भी लोगों तक पहुँच रही है। यह पहल निस्संदेह राजनांदगांव जिले के लिए प्रेरणादायी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल प्रस्तुत करती है।अभियान में शामिल सभी स्वयंसेवकों का मानना है कि समाज में अच्छाई फैलाने का कार्य किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक भावना और समर्पण का परिणाम होता है।यही कारण है कि यह अभियान वार्ड बजरंगपुर नवगांव में लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में और भी व्यापक स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।इस प्रकार, भारत माता तैलचित्र वितरण अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक जागरण यात्रा है, जो लोगों के हृदयों को जोड़ रही है और समाज में नए उत्साह का संचार कर रही है।



