हमर छत्तीसगढ़

परीक्षा का पहला दिन विश्वास, व्यवस्था और भविष्य की नींव:- गजेंद्र यादव 

 

रिपोर्टर:- गोपाल निर्मलकर

दुर्ग:- आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा के प्रथम दिवस ने केवल परीक्षा की शुरुआत नहीं की, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने का संदेश भी दिया। इसी अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग स्थित शासकीय कन्या शाला परीक्षा केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, परिसर की सफाई, शौचालय सुविधा, सुरक्षा प्रबंध तथा परीक्षा कक्षों में अनुशासित वातावरण का सूक्ष्म अवलोकन किया। उनका स्पष्ट उद्देश्य था कि किसी भी छात्र-छात्रा को असुविधा का सामना न करना पड़े और सभी परीक्षार्थियों को शांत, सहज तथा प्रेरक माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले। यह कदम केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने का सशक्त प्रयास था।

उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा जीवन का निर्णायक मोड़ होती है, लेकिन इसे भय नहीं, अवसर के रूप में देखना चाहिए। आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का सही उपयोग ही सफलता की असली कुंजी है। उनका संदेश स्पष्ट था — मेहनत पर भरोसा रखो, परिणाम स्वयं तुम्हारे पक्ष में खड़ा मिलेगा।
इस अवसर पर मंडल की सचिव पुष्पा साहू, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा का पहला दिन पूर्णतः शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो।

केंद्र में दिखी सजगता और सहयोग की भावना ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और शिक्षा तंत्र साथ चलते हैं तो व्यवस्था अपने आप सुदृढ़ बन जाती है।यह दिन केवल प्रश्नपत्र हल करने का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास जगाने का भी था। परीक्षा कक्षों में बैठा हर विद्यार्थी अपने भविष्य की इबारत लिख रहा है। यह वही क्षण है जहां से सपनों की उड़ान शुरू होती है और संघर्ष सफलता में बदलता है।

अंत में शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनका यह संदेश पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया —डर नहीं, विश्वास रखो; दबाव नहीं, धैर्य रखो; क्योंकि यही परीक्षा तुम्हारे कल की मजबूत नींव है।

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