ओझागहन में उठ रहे सवाल आखिर पशु संरक्षण कानूनों का पालन कौन कराएगा?

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओझागहन तहसील गुरूर में सुरेश साहू से जुड़े कुछ आरोपों और शिकायतों को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि पशुओं के अवैध परिवहन, पशु क्रूरता अथवा अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं, तो प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।गौवंश भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की पशु क्रूरता या अवैध गतिविधि की आशंका समाज में चिंता पैदा करती है।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि किसी मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए़ जनता यह भी जानना चाहती है कि पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग क्या कदम उठा रहे हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही ही ऐसे विवादों का सबसे प्रभावी समाधान मानी जाती है।ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके। लोकतंत्र में न्याय, प्रमाण और कानून सर्वोपरि हैं।



