खलारी में गूंजा रामचरितमानस का संदेश दो दिवसीय अखंड रामायण
एवं तुलसीदास जयंती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- जिला बालोद के ग्राम खलारी के मां शीतला प्रांगण में 29 एवं 30 अगस्त को दो दिवसीय तहसील स्तरीय अखंड रामायण एवं गोस्वामी तुलसीदास जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से श्रद्धालु, मानस प्रेमी और मानस मर्मज्ञ शामिल हुए। दो दिनों तक रामचरितमानस के पाठ, प्रवचन और आध्यात्मिक विचारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रांत अध्यक्ष जगदीश देशमुख रहे। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन प्रसंगों को सामने रखते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में कठिनाइयां और बाधाएं स्वाभाविक हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने वाला व्यक्ति ही सफलता और वास्तविक सुख का अनुभव करता है।
उन्होंने कहा, “गोस्वामी तुलसीदास के जीवन में भी अनेक कठिन परिस्थितियां आईं, लेकिन उन्होंने ईश्वर के प्रति अपनी आस्था नहीं छोड़ी। उनकी साधना और समर्पण का परिणाम श्रीरामचरितमानस के रूप में सामने आया, जो आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। सच्ची सेवा ही प्रभु की सेवा है।”
मानस वक्ताओं ने बताए श्रीराम के आदर्श
तुलसीदास जयंती के अवसर पर क्षेत्र के मानस मर्मज्ञों और वक्ताओं ने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा पर विचार रखे। कार्यक्रम में पाहड़ सिंह साहू, त्रेता चंद्राकर, लीलार सिन्हा, बीआर बेलसर, विष्णु सोरी, भरत कौशिक एवं पुरुषोत्तम राजपूत ने सहभागिता निभाई।इसके अलावा मंजुलाल धनकर, सुरेश कोठारी और माधव राम सरपा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने वाली जीवन-दृष्टि भी प्रदान करता है। इसके आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों की सहभागिता से सफल हुआ आयोजन
दो दिवसीय कार्यक्रम में ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने अखंड रामायण पाठ में सहभागिता की और भगवान श्रीराम तथा गोस्वामी तुलसीदास के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।आयोजन की जानकारी ग्राम खलारी के सरपंच आत्माराम राम दुग्गा, पुखराज निषाद, उमाकांत साहू, दीपक आरदे, गंगाराम साहू, बालेश्वर सावलकर, प्रकार दहिबेले, गोपाल साहू, ग्राम पटेल अनिल निषाद, हुकुम साहू एवं समस्त ग्रामवासियों ने दी।



