हमर छत्तीसगढ़

व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित आरोपों पर गोपाल का पलटवार, राकेश तांबोली के कुकृत्यो का किया जॉच की मांग

 

दुर्ग:- छत्तीसगढ़  प्रेस रिपोर्टर क्लब दुर्ग के अध्यक्ष गोपाल निर्मलकर ने हाल ही में अपने विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार को लेकर कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष और जलन की भावना से प्रेरित होकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
निर्मलकर ने जारी बयान में आरोप लगाया कि उनके अध्यक्ष बनने के बाद से ही राकेश तांबोली और उसके साथी लोग लगातार उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले उनके परिवारजनों को फोन कर उनके बारे में भड़काने का प्रयास किया गया और जब बात नहीं बनी तो सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से उनके खिलाफ लेखन और टिप्पणियां शुरू कर दी गईं। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि यदि किसी के पास उनके विरुद्ध कोई ठोस प्रमाण है तो वह उसे सार्वजनिक करे या विधिक मंच पर प्रस्तुत करे।राकेश तंबोली एक ऐसा पत्रकार है जो कोई भी पत्रकार को अपने कमाई के लिए उसका उपयोग करके उसे बदनाम करता है यह वह राकेश तंबोली है जो ब्रेक मेल करने के नाम पर पुलिस इसे रातों रात घर से उठा कर ले गया था पुलिस बिना मतलब के किसी को नहीं ले जाता यह वह राकेश तंबोली है जिसने अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के कार्यक्रम के लिए हमें जलाराम भवन के सामने कार्यक्रम करने के लिए D O ऑफिस से हमें हाल दिया था वहां से 20 कुर्सी चोरी करके अपने ऑफिस में आज भी रखा हुआ है यह वह राकेश तंबोली है जो हमेशा गलत तरीके का वीडियो बनाने के लिए ले जाता है और उससे दबाव बनाकर पैसा लेना इनका काम है लेकिन जो आदमी मेहनत करता था उसे पैसा नहीं देना और अपना फोन नंबर देकर पैसा लेना इसका काम है यह वह राकेश तंबोली है जो अखिल भारती पत्रकार सुरक्षा समिति संगठन के नाम से पैसा कमाता है। रहा सवाल मेरे बारे में लिखने का क्योंकि मैं प्रेस रिपोर्टर क्लब का अध्यक्ष जब से बना हु तब से मेरे बारे में जलन की भावना लेकर कई बार पहले मेरे परिवार वालों को फोन करके मेरे बारे में भड़काना शुरू किया जब बात नहीं बना तो मेरे बारे में लिखकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है राकेश तंबोली का ब्लैकमेल होने का जीता जागता सबूत उतई के महिमा हॉस्पिटल के डॉक्टर साहब जिन्होंने हमारे सामने इनको ब्लैकमेलर कह कर काफी बुरी तरीके से जलील किया था मेरे साथ कई पत्रकार भाई भी थे जिन्होंने इस बात को सुना है की किस बुरी तरीके से ब्लैक मनी के नाम पर गाली दिया था राकेश तंबोली जो भी गोपाल निर्मलकर के बारे में लिखा है वहां पर पत्रकारिता पर कोई धब्बा नहीं दिखाई देता लेकिन मैंने जो राकेश तंबोली के बारे में लिखा है उसमें पूरा पत्रकार के ही बारे में लिखा है अगर यह सच्चे पत्रकार है तो यह बात को झूठ लाकर दिखाएं मैं गोपाल निर्मलकर कई सालों से उनके साथ रहा लेकिन कभी मेरे मेहनत का पैसा नहीं दिया यह हुआ राकेश तंबोली है जो पत्रकार रोशन सिन्हा है जो उनके यहां काम करता था उसका 9 महीने का तनख़ा करीबन 80000 रूपए 5 से 6 साल हो गया है अभी तक इनका पैसा नहीं दिया है रोशन सिन्हा कभी भी फोन लगाता है तो उसका फोन नहीं उठाता है यह बात सच साबित करता है कि कौन सही है और कौन गलत आगे और बहुत सी बातें हैं जो मैं लिखते लिखते थक जाऊंगा लेकिन मेरे अक्षर खत्म नहीं होंगे । जो गोपाल निर्मलकर हमेशा उनके सभी कामों पर खड़ा होता था उसे बदनाम करने की कोशिश करके साबित कर दिया की वह किस तरीके का पत्रकार है अगर मुझे कुछ होता है या मेरे परिवार वालों से कुछ जानकारियां देते है मै पत्रकार भाइयों से मेरी मदद का आशा रखता हूं अगर यह और कोई प्रकार का हरकत करता है और मुझे कुछ हो जाता है तो इसकी जवाबदारी राकेश तंबोली रहेगा क्योंकि मुझे मालूम है यह आदमी किस हद तक गिर सकता है।

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