हमर छत्तीसगढ़

सशक्त नारी–सुरक्षित समाज अंडा में महिला कमांडो प्रशिक्षण से जागा जनसुरक्षा का नया आत्मविश्वास

 

रिपोर्टर:- गोपाल निर्मलकर

दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के जिला दुर्ग के थाना अंडा परिसर में आयोजित महिला कमांडो सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन ने ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी शमशाद बेगम तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व दिया।

लगभग 40 ग्रामों से पहुंची 500 से अधिक महिला कमांडो की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब महिलाएँ केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा और नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं। प्रशिक्षण में State Disaster Response Force की टीम ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की तकनीक, आग से बचाव के उपाय, प्राथमिक उपचार तथा राहत समन्वय की प्रक्रियाओं का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। यह अभ्यास केवल जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं को वास्तविक परिस्थिति में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार करने वाला साबित हुआ।

सम्मेलन में महिला सुरक्षा कानून, साइबर अपराध से बचाव, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण, नशा उन्मूलन अभियान और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को अपने-अपने गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाने, विवाद की प्रारंभिक रोकथाम करने और प्रशासन से समन्वय बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

अपने संबोधन में एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षित महिला कमांडो ग्रामीण समाज की सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी बन सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब गांव की महिलाएँ कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को समझती हैं, तब अपराध स्वतः कमजोर पड़ जाता है। उनका संदेश स्पष्ट था—“सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना से निर्मित व्यवस्था है।”

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने “सशक्त नारी–सशक्त छत्तीसगढ़” और “नशा मुक्त समाज–सुरक्षित समाज” का सामूहिक संकल्प लेकर इस पहल को जनआंदोलन का रूप देने का प्रण लिया।यह आयोजन केवल प्रशिक्षण सत्र नहीं था, बल्कि ग्रामीण आत्मविश्वास का पुनर्जागरण था—जहाँ महिला शक्ति ने यह संदेश दिया कि जागरूकता, अनुशासन और साहस मिलकर किसी भी समाज को सुरक्षित, संगठित और मजबूत बना सकते हैं।

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