हमर छत्तीसगढ़

नकल पर सख्त पहरा, बोर्ड परीक्षा में अनुशासन का दम — उड़नदस्ता दल की ताबड़तोड़ जांच से व्यवस्था रही चाक-चौबंद

 

संपादक :- मीनू साहु 

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इन दिनों बोर्ड परीक्षा का दौर पूरी गंभीरता और कड़े अनुशासन के साथ जारी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल मुख्य परीक्षा 2026 को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी सतर्कता के साथ मैदान में उतरा हुआ है। इसी कड़ी में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार परीक्षा केंद्रों पर अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहा है, जिससे परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल में जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक परियोजना समन्वयक लेख राम साहू, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती उमा ठाकुर, जिला खेल समन्वयक सपन जेना, व्यायाम शिक्षक सुरेश शांडिल्य तथा व्यायाम शिक्षिका सुश्री आदिला खान शामिल रहे। टीम ने परीक्षा केंद्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।आज भी उड़नदस्ता दल ने जिले के कई महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्रों में अचानक दस्तक देकर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान दल ने परीक्षा कक्षों, प्रवेश व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, पर्यवेक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की अनुशासन व्यवस्था का सूक्ष्म अवलोकन किया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा केंद्रों में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ परीक्षा संपन्न हो रही है या नहीं।निरीक्षण के दौरान शासकीय बुनियादी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद (पाररास), शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय बालोद, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ में परीक्षा संचालन की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। प्रत्येक केंद्र में परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संचालित होती हुई पाई गई। विद्यार्थियों में अनुशासन और गंभीरता साफ दिखाई दी, वहीं शिक्षकों और परीक्षा स्टाफ की सक्रियता ने भी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा।उड़नदस्ता दल के औचक निरीक्षण के दौरान कहीं भी नकल या अनुचित साधनों के उपयोग का कोई मामला सामने नहीं आया। यह इस बात का संकेत है कि परीक्षा केंद्रों में कड़ी निगरानी और जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं। अधिकारियों ने केंद्रों में तैनात प्रभारियों और शिक्षकों को निर्देशित किया कि परीक्षा की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस सख्त निगरानी और सक्रिय प्रशासनिक व्यवस्था का सीधा संदेश है कि बालोद जिले में शिक्षा व्यवस्था को स्वच्छ, निष्पक्ष और अनुशासित बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उड़नदस्ता दल की यह सक्रियता विद्यार्थियों में ईमानदारी की भावना को मजबूत कर रही है और यह भरोसा दिला रही है कि मेहनत और लगन से की गई तैयारी ही सफलता का असली आधार है।

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