हमर छत्तीसगढ़

बालोद में कल गूंजेगा श्रमिक सम्मान का स्वर, योजनाओं का लाभ सीधे ज़मीन तक पहुँचाने की पहल

 

संपादक :- मीनू साहू

रिपोर्टर:- उत्तम साहू 

बालोद: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के अधिकार और सम्मान को मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत बुधवार 25 मार्च को राज्य स्तर पर भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसका केंद्र बलौदाबाजार-भाटापारा रहेगा, जबकि बालोद जिले में भी समानांतर रूप से जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर इसे जनभागीदारी का रूप दिया जाएगा।संयुक्त जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में होने वाला यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों मेहनतकश हाथों के सम्मान का प्रतीक बनेगा, जिन्होंने वर्षों तक श्रम किया लेकिन संसाधनों से वंचित रहे। इस अवसर पर जिले के विभिन्न वर्गों—महिलाएं, बैगा समुदाय, पूजारी, चरवाहा, बढ़ई जैसे पारंपरिक पेशों से जुड़े श्रमिकों—को आमंत्रित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी होंगे प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय, जो वर्चुअल माध्यम से जुड़कर सीधे हितग्राहियों से संवाद स्थापित करेंगे। यह संवाद सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि योजनाओं की वास्तविकता, प्रभाव और ज़मीनी सच्चाई को समझने का एक सशक्त मंच साबित होगा।प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी तेज़ है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और हर पहलू सुव्यवस्थित हो। यह आयोजन प्रशासनिक दक्षता और जनहित की प्रतिबद्धता का उदाहरण बनने जा रहा है।गौरतलब है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में अब तक 16 हजार 488 हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की बदली हुई ज़िंदगी की कहानी है, जिन्हें अब आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल रहा है।यह कार्यक्रम केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जिसमें शासन और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है और विकास की रोशनी हर कोने तक पहुँचाने का संकल्प और मजबूत हो रहा है।

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