हमर छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर दुर्ग में स्वास्थ्य सुरक्षा का निर्णायक अभियान शुरू

 

संपादक:- मीनू साहू

रिपोर्ट :- उत्तम साहू 

दुर्ग:- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला में बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य और गंभीर बीमारियों पर रोक लगाने की दिशा में  जिले ने आज एक ठोस और निर्णायक कदम उठाया। राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद विजय बघेल के हाथों हुआ, जबकि पूरे अभियान की कमान कलेक्टर अभिजीत सिंह के सख्त निर्देशन में संचालित हो रही है।कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाने का संगठित प्रयास है। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—एक भी पात्र बालिका इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि महिलाओं में कैंसर के मामलों में सर्वाइकल कैंसर तेजी से उभरती चुनौती है, और समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनोज दानी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन आशीष कुमार मिंज को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि टीकाकरण केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। तय समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है।जिला टीकाकरण अधिकारी दिव्या श्रीवास्तव और स्वास्थ्य अधिकारी संजीव ग्लैड ने अभियान की रूपरेखा को मजबूत करते हुए हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। यह भी उल्लेखनीय है कि बाजार में लगभग 4000 रुपये की कीमत वाला यह टीका अब सरकारी पहल के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।इसी के साथ 17 मार्च से 21 अप्रैल तक शिशु संरक्षक माह की भी शुरुआत हो रही है, जिसमें 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों तक पोषण और टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है—यह अभियान सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य है। अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों को आगे आकर भागीदारी निभानी होगी, तभी यह प्रयास सार्थक और प्रभावी साबित होगा।

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