दल्ली राजहरा में उबाल जमरुआ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, अवैध डंपिंग के खिलाफ चक्काजाम

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद जिले के दल्ली राजहरा क्षेत्र अंतर्गत जमरुआ गांव में आज उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब सैकड़ों ग्रामीणों ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) द्वारा कथित अवैध खनिज डंपिंग के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।ग्रामीणों का आरोप है कि BSP द्वारा लगातार नियमों को दरकिनार कर खनिज डंपिंग की जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि आसपास के गांवों के जनजीवन पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। धूल, प्रदूषण और खेती योग्य जमीन की बर्बादी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।प्रशासन की गैरमौजूदगी से बढ़ा आक्रोश स्थिति को और अधिक गंभीर तब बना दिया जब इतने बड़े विरोध प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम या तहसीलदार—किसी की भी अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया।

चिलचिलाती धूप में घंटों तक सड़क पर डटे लोगों ने इसे प्रशासन की लापरवाही और बेरुखी बताया।राजनीतिक समर्थन से आंदोलन को मिली मजबूती इस दौरान फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र साहू (अधिवक्ता) और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोती हिरवानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ खड़े होकर आंदोलन को समर्थन दिया और प्रशासन पर तत्काल हस्तक्षेप करने का दबाव बनाया।स्वास्थ्य पर पड़ा असर, लेकिन हौसले बुलंद तेज गर्मी के बीच लंबे समय तक प्रदर्शन करने से कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है। इसके बावजूद आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक अवैध डंपिंग पर पूरी तरह रोक नहीं लगती और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।



