गांव की सेहत की असली प्रहरी बनीं ग्रामीण नर्स बहनें, सम्मान समारोह में गूंजा सेवा और समर्पण का जयघोष

संपादक :- मीनू साहू
नगरी/धमतरी:- धमतरी जिला के नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कसपुर में आयोजित सम्मान समारोह उस समय भावुक और गौरवपूर्ण माहौल में बदल गया, जब ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली एनएम यानी ग्रामीण नर्स बहनों का सार्वजनिक सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुईं नगरी जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 15 की जनप्रतिनिधि एवं बेलर निवासी कांग्रेस समर्थित नंदनी साहू ने कहा कि ग्रामीण नर्स बहनें केवल स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं, बल्कि गांव की जीवनरेखा हैं। जब शहरों की सुविधाएं गांवों तक नहीं पहुंच पातीं, तब यही नर्स बहनें हर घर तक इलाज, जागरूकता और उम्मीद लेकर पहुंचती हैं।
उन्होंने कहा कि तपती धूप हो, बरसात हो या रात का अंधेरा, ये स्वास्थ्य सेविकाएं बिना किसी भय और स्वार्थ के गर्भवती माताओं, नवजात बच्चों और बीमार ग्रामीणों की सेवा में जुटी रहती हैं। गांवों में टीकाकरण अभियान से लेकर प्रसव सेवाएं, पोषण जागरूकता और आपात स्वास्थ्य सहायता तक हर जिम्मेदारी को इन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया है।गांव-गांव में स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत दीवार बन चुकी इन स्वास्थ्य कर्मियों को मंच पर सम्मानित कर उनके संघर्ष, सेवा और समर्पण को सलाम किया गया।सम्मान समारोह के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों और ग्रामीणों ने भी नर्स बहनों के योगदान को याद करते हुए कहा कि यदि गांवों में आज स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता बढ़ी है, तो उसके पीछे इन कर्मठ महिलाओं की अथक मेहनत है। कई बार सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी इन्होंने हार नहीं मानी और लोगों की जिंदगी बचाने का काम किया।नंदनी साहू ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में डॉक्टरों की चर्चा बहुत होती है, लेकिन गांवों की असली स्वास्थ्य योद्धा हमारी ग्रामीण नर्स बहनें हैं, जो बिना प्रचार और बिना किसी बड़े मंच के लगातार सेवा कर रही हैं। उनका सम्मान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के संघर्ष और त्याग का सम्मान है जिन्होंने गांवों को स्वस्थ बनाने का संकल्प लिया है।कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित नर्स बहनों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे समारोह में सेवा, सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश गूंजता रहा।



