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विभागीय भ्रष्टाचार: मनीराम के ऊपर अपने अधीन कर्मचारियों के उत्पीड़न और शोषण का आरोप

बालोद (डौंडीलोहारा):- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में डौंडीलोहारा बिजली विभाग के अधिकारी मनीराम के अधीन कार्यरत कर्मचारियों पर उत्पीड़न हद से ज्यादा हो गया है लोगों का कहना है कि विभाग अब सेवा केंद्र नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और डर का गढ़ बन गया है। कर्मचारियों पर मनमानी दबाव, रिश्वतखोरी और त्रुटिपूर्ण आदेशों को लागू करने का बोझ लगातार बढ़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कई लाइनमैन और सहायक कर्मचारियों ने शिकायत की कि काम के नाम पर मनीराम उनसे पैसे की मांग करता है। जो कर्मचारी इसे पूरा नहीं कर पाते, उन्हें तुरंत ट्रांसफर या धमकी का सामना करना पड़ता है। विभागीय माहौल इतना विषैला हो चुका है कि कई ईमानदार कर्मचारी काम छोड़ने को मजबूर हो गए।

मनीराम पर आरोप है कि ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और परियोजनाओं के बिल फाइल करने में कर्मचारियों को इस्तेमाल किया जाता है। जो विरोध करते हैं, उन्हें डराकर चुप कराया जाता है। इसके कारण विभागीय काम प्रभावित होता है, और जनता की शिकायतों का समाधान नहीं होता।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद ने इस विषय पर कहा — “मनीराम जैसे अधिकारी न केवल जनता का पैसा लूट रहे हैं, बल्कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की मेहनत और सम्मान को भी कुचल रहे हैं। यह भ्रष्टाचार का सिस्टेमैटिक तंत्र है। जब तक ऐसे लोग पद पर रहेंगे, विभाग के सुधार की कोई उम्मीद नहीं।”

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मनीराम के शासन में ईमानदार कर्मचारियों को लगातार हाशिए पर रखा गया। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मिलीभगत ने घोटालों और ठेकेबाजी को सामान्य बना दिया।
ग्रामीणों और कर्मचारियों का कहना है कि विभागीय भ्रष्टाचार और उत्पीड़न ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। बिजली की अनियमित आपूर्ति, फाल्टी ट्रांसफॉर्मर, टूटे तार और निरंतर दुर्घटनाएँ अब आम घटना बन चुकी हैं।

अब जनता और कर्मचारी दोनों ही मांग कर रहे हैं कि मनीराम के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच हो। प्रशासनिक चुप्पी और संरक्षण के कारण भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। लोग कह रहे हैं — “अब केवल शिकायत से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदार अधिकारी को सजा मिले।”

डौंडीलोहारा में यह मामला अब विभागीय समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बन चुका है। जनता और कर्मचारियों का संदेश स्पष्ट है — मनीराम के तंत्र को उजागर किया जाए और जवाबदेही तय हो।

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