बालोद में छठ महापर्व की तैयारी पूर्ण — बूढ़ा तालाब बना श्रद्धा और स्वच्छता का केंद्र

बालोद में छठ महापर्व की तैयारी पूर्ण — बूढ़ा तालाब बना श्रद्धा और स्वच्छता का केंद्र
बालोद:- लोकआस्था और सूर्य उपासना का महापर्व छठ आज से नहाय-खाय के साथ प्रारंभ हो गया है। चार दिवसीय यह पर्व सूर्य देव और छठी मइया की आराधना को समर्पित है, जो संतान, सुख, आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर पूरा बालोद श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंगा दिखाई दे रहा है।
नगर पालिका परिषद बालोद ने छठ पर्व के आयोजन के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 19, बुढ़ापारा स्थित प्राचीन बूढ़ा तालाब के घाटों की विशेष साफ-सफाई कराई गई है। तालाब परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, ताकि व्रतधारी माताओं और बहनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साफ-सुथरे घाट, लाइटिंग की व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजामों ने पूरे स्थल को उत्सव स्थल में बदल दिया है।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सहित पूरी टीम ने बूढ़ा तालाब का निरीक्षण किया और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। सफाई कर्मियों को यह निर्देश दिया गया है कि पूजा के दौरान निरंतर घाट की स्वच्छता बनाए रखी जाए। साथ ही बिजली विभाग और जल विभाग के सहयोग से प्रकाश और जल की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
शहरवासियों में छठ महापर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। व्रतधारी महिलाएं स्नान, संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य की तैयारी में जुटी हैं। बाजारों में पूजन सामग्री, फल, केले, गन्ना और बांस के सूप की खरीदारी जोरों पर है।
भाजपा सोशल मीडिया बालोद के शेखर वर्मा ने कहा — “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” — यही भावना लेकर नगर पालिका और जनप्रतिनिधि मिलकर शहर को छठ पर्व के स्वागत के लिए संवार रहे हैं।
छठ पर्व न केवल सूर्य और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह स्वच्छता, सामूहिकता और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण भी है। बालोद में इस बार बूढ़ा तालाब का दृश्य श्रद्धा, भक्ति और सौंदर्य का संगम बनने जा रहा है, जहां अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने हजारों श्रद्धालु जुटेंगे।



