अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद छत्तीसगढ़ की सामान्य प्रतिनिधि सभा का भव्य एवं सफल आयोजन संपन्न

बालोद:- छत्तीसगढ़ के हृदय स्थल अभनपुर स्थित भव्य होटल ब्लैक पेपर में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की प्रदेश स्तरीय सामान्य प्रतिनिधि सभा का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल संगठन की एकजुटता का प्रतीक बना, बल्कि पूर्व सैनिकों के अथक परिश्रम और समर्पण का जीवंत दर्शन भी कराया।कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक पवन निषाद की प्रेरणादायी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया। मंच पर विराजमान थे प्रदेश अध्यक्ष कर्नल डॉ. हरिंदर त्रिपाठी , उपाध्यक्ष हवलदार खेमचंद निषाद , उपाध्यक्ष कैप्टन गोवर्धन शर्मा , महासचिव हवलदार किशोरी लाल , बस्तर संभाग प्रभारी सुब्रत शाह , सचिव योगेश साहू , संगठन महासचिव के.पी. साहू , प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र डडसेना तथा मातृशक्ति प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती श्याम साहू।दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी, बलौदा बाजार, महासमुंद, कांकेर, कोंडागांव, बीजापुर, नारायणपुर एवं दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जिला अध्यक्ष, राज्य पदाधिकारी, वरिष्ठ पूर्व सैनिक और मातृशक्ति की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने सभागार को खचाखच भर दिया।सभा की शुरुआत राष्ट्रगान एवं वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके पश्चात् प्रदेश अध्यक्ष कर्नल डॉ. हरिंदर त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और संगठन द्वारा 17 जिलों में चलाए जा रहे निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षण शिविरों के कारण सैकड़ों युवा भारतीय सेना की विभिन्न शाखाओं में चयनित हो रहे हैं और यह हमारे संगठन का सबसे बड़ा गौरव है।कार्यक्रम में वर्ष भर के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रत्येक जिला इकाई ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। विशेष रूप से कोंडागांव जिला इकाई को उनके उत्कृष्ट कार्य, युवाओं को सेना भर्ती में सफलता दिलाने तथा सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। मंच से बार-बार गूंजता रहा – “कोंडागांव जिला आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं!”मातृशक्ति की भूमिका को देखते हुए कई बहनों को शॉल-श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पिछले एक वर्ष में सरकारी नौकरी (विशेषकर DSC, पुलिस, वनरक्षक आदि) में चयनित हुए पूर्व सैनिक भाइयों को भी मंच पर बुलाकर जोरदार तालियों के बीच सम्मानित किया गया। उनके चेहरों पर गर्व और आंखों में चमक देखते ही बनती थी।
प्रशिक्षण पर विशेष बल देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी सत्र में और अधिक जिलों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे ताकि दूरस्थ आदिवासी अंचलों के युवा भी सेना में जाने का सपना साकार कर सकें।आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन (एजीएम) में छत्तीसगढ़ इकाई की भागीदारी पर भी विस्तृत चर्चा हुई और अधिक से अधिक प्रतिनिधियों को भेजने का निर्णय लिया गया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन संगठन महासचिव के.पी. साहू ने किया तथा सभी को राष्ट्र सेवा और पूर्व सैनिक हितों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। सभा का समापन राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिक आंदोलन में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया। जय हिंद! जय छत्तीसगढ़!



