भागवत महापुराण सांकरा (क) में मानव कल्याण और लोकमंगल का दिव्य अनुष्ठान

बालोद:- छत्तीसगढ़ में भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को दिशा देने वाला अमृत-स्रोत है। यह वह दिव्य ज्ञान-सौरभ है, जो यदि धरा के किसी एक खण्ड को भी सुवासित कर सके, तो वह प्रयास निश्चय ही लोकहित और मानव कल्याण के लिए सार्थक माना जाता है। इसी पावन उद्देश्य के साथ जिला बालोद के ग्राम सांकरा (क) की पुण्य भूमि पर भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसमें प्रभु के अगाध स्नेह और कृपा की अनुभूति कराने का संकल्प लिया गया है।मानव जीवन दुर्लभ है, और इस जीवन को कृतार्थ करने का सर्वोत्तम मार्ग है—सत्संग, भक्ति और धर्म। भागवत महापुराण हमें यही सिखाता है कि भौतिकता के अंधकार में फंसा मनुष्य जब प्रभु कथा के प्रकाश से जुड़ता है, तब उसके जीवन में सत्य, करुणा, प्रेम और सेवा का उदय होता है। इस दिव्य आयोजन का उद्देश्य केवल कथा श्रवण नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हुए मानव को उसके कर्तव्यों का बोध कराना है।इस पावन कथा के कथावाचक पं. डिंलेश्वर प्रसाद पांडे अपने ओजस्वी वाणी और गहन शास्त्रीय ज्ञान के माध्यम से श्रोताओं को भक्ति-सागर में डुबोने का कार्य कर रहे है। वहीं प्रयाणकर्ता पं. अविनाश पांडेय की उपस्थिति से यह आयोजन और भी गरिमामयी बनेगा। कथा के दौरान समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम अवतार, तथा श्रीकृष्ण जन्म जैसे प्रसंगों का सजीव वर्णन किया जाएगा, जो मानव जीवन को त्याग, मर्यादा, भक्ति और कर्मयोग का संदेश देते हैं।समुद्र मंथन हमें सिखाता है कि विष और अमृत दोनों जीवन का हिस्सा हैं, पर विवेक और धैर्य से ही अमृत की प्राप्ति संभव है। वामन अवतार अहंकार के विनाश और विनम्रता की विजय का प्रतीक है। श्रीराम का अवतार मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन का संदेश देता है, तो श्रीकृष्ण जन्म प्रेम, करुणा और धर्म की रक्षा का शाश्वत संदेश लेकर आता है। ये कथाएँ आज के समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी युगों पूर्व थीं।इस महायज्ञ का आयोजन समस्त ग्रामवासी सांकरा (क) के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में दिनेश सिन्हा (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत बालोद), संजय सिन्हा (अध्यक्ष, ग्रामीण विकास समिति), संतराम रावटे (कोषाध्यक्ष), चुरामन सिंह (सचिव), जीवराखन रावटे, देशीराम सिन्हा, श्रीमती शिवरात्रि नेताम (सरपंच), उपसरपंच दीपक साहू, वासुदेव साहू, चेतन नेताम, सामसाय साहू, यशवंत सिन्हा, रामकिसन सिन्हा सहित सभी ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान है। यह आयोजन ग्राम की एकता, सहयोग और सामूहिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।कथा के संगीतमय पक्ष को सशक्त बनाने में खिलु देशमुख (ऑर्गन – आलबरस), चमन साहू (पैड मेन – कोनारी) तथा पप्पू निषाद (नाल-ढोलक – अछोटी) अपनी मधुर संगत से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। संगीत और कथा का यह संगम श्रोताओं के हृदय को छूते हुए उन्हें अध्यात्म की ऊँचाइयों तक ले जाएगा।इस आयोजन का मूल उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव कल्याण है—मानव को मानव से जोड़ना, समाज में सद्भाव, नैतिकता और सेवा की भावना को प्रबल करना। आज जब समाज अनेक प्रकार के तनाव, स्वार्थ और भटकाव से जूझ रहा है, तब भागवत कथा जैसे आयोजन आत्मिक शांति और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।अतः समस्त श्रद्धालुजनों से विनम्र आग्रह है कि वे अपने परिजनों सहित अधिक से अधिक संख्या में पधारें, प्रभु कथा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्म, भक्ति और मानवता के पथ पर अग्रसर करें। आइए, हम सब मिलकर इस भागवत महापुराण ज्ञान-सौरभ से न केवल ग्राम सांकरा (क), बल्कि समूचे क्षेत्र को सुवासित करें और मानव जीवन को सच्चे अर्थों में कृतार्थ बनाएं।



