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सुरों का महासंग्राम “बालोद में सुर-सरताज”

सुरों का महासंग्राम “बालोद सुर-सरताज” राज्यस्तरीय गायन प्रतियोगिता

बालोद:- छत्तीसगढ़ में संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। इसी भाव को साकार करने और छिपी हुई गायन प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के उद्देश्य से हार्मनी म्यूजिकल ग्रुप, बालोद एक भव्य और प्रेरणादायी आयोजन लेकर आ रहा है — श्री श्रीमाल ज्वेलर्स की प्रस्तुति “बालोद सुर-सरताज” स्टेट लेवल सिंगिंग कंपटीशन। यह ऐतिहासिक आयोजन 4 जनवरी 2026, सायं 3:30 बजे से संचारी क्लब गार्डन, बालोद में आयोजित होगा, जहाँ सुर, साधना और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

“जिसकी होगी जादूई आवाज, वही बनेगा बालोद का सुर-सरताज”— इस मंत्र के साथ यह प्रतियोगिता न केवल गायन कौशल की परीक्षा होगी, बल्कि आत्मविश्वास, मंचीय प्रस्तुति और संगीत साधना का उत्सव भी बनेगी। यह मंच उन प्रतिभाओं के लिए समर्पित है, जो गाँव-शहर की सीमाओं से परे अपने सुरों से पहचान बनाना चाहती हैं।

प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यापक बनाने के लिए प्री-ऑडिशन चरणबद्ध रूप से दल्ली राजहरा, गुंडारदेही और बालोद में आयोजित किए जाएंगे। इसके पश्चात 3 जनवरी 2026 को बालोद के कला केंद्र में मेगा ऑडिशन होगा, जहाँ से जूनियर एवं सीनियर वर्ग के 8-8 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन कर ग्रैंड फाइनल के लिए चुना जाएगा। चुने गए प्रतिभागी 4 जनवरी को खुले मंच पर अपने सुरों की शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।

ग्रैंड फाइनल की गरिमा को और ऊँचाई देने के लिए निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित संगीत साधक उपस्थित रहेंगे। सुप्रसिद्ध गायक एवं संगीतकार सुनील सोनी, वरिष्ठ गीतकार चंपेश्वर गोस्वामी तथा लोक साहित्यकार व लोकप्रिय गायक सीताराम साहू ‘श्याम जी’ अपनी अनुभवी दृष्टि से प्रतिभाओं का मूल्यांकन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जगदीश देशमुख जी करेंगे, जिनकी उपस्थिति आयोजन को विशेष गौरव प्रदान करेगी।

यह राज्यस्तरीय गायन प्रतियोगिता पहली बार बालोद में आयोजित की जा रही है, जो जिले के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगी। इसके आयोजक लव कुमार सिंह (आकाशवाणी कलाकार एवं साहित्यकार), शैलेंद्र स्वर्णकार (योग एवं गरबा नृत्य प्रशिक्षक) तथा गायक कृष्णा सोनी हैं, जिनकी सोच और मेहनत इस मंच को सार्थक दिशा प्रदान कर रही है।

“बालोद सुर-सरताज” केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सपनों को उड़ान देने का अवसर है। यह मंच उन नवोदित गायकों और गायिकाओं के लिए है, जो अपने सुरों से पहचान बनाना चाहते हैं। बालोद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से आने वाली प्रतिभाएँ इस मंच पर अपने संगीत का जादू बिखेरेंगी और छत्तीसगढ़ की सांगीतिक विरासत को नई ऊर्जा देंगी।

सुरों के इस महासंग्राम में शामिल होकर बनिए संगीत के उज्ज्वल भविष्य का हिस्सा — क्योंकि यहाँ हर आवाज़ को मिलता है सम्मान, हर प्रतिभा को मिलता है मंच और हर सुर को मिलती है पहचान।

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