हमर छत्तीसगढ़

141 वर्ष की विरासत, नए संकल्प का उद्घोष — डौंडीलोहारा कांग्रेस भवन में संगठनात्मक शक्ति का भव्य प्रदर्शन

 

बालोद :- भारतीय लोकतंत्र, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की आधारशिला रखने वाले ऐतिहासिक संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 141वें स्थापना दिवस को डौंडीलोहारा कांग्रेस भवन में अत्यंत गरिमा, ऊर्जा और संगठनात्मक अनुशासन के साथ मनाया गया। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि उस विचारधारा को पुनः सशक्त करने का था, जिसने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया और स्वतंत्र भारत को संवैधानिक मजबूती प्रदान की।
28 दिसंबर 1885 को स्थापित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन के हर निर्णायक मोड़ पर राष्ट्र का नेतृत्व किया। सत्य, अहिंसा, त्याग और बलिदान की जिस परंपरा को कांग्रेस ने जन्म दिया, वही परंपरा आज भी लोकतंत्र की रक्षा और आमजन के अधिकारों की आवाज़ बनी हुई है। डौंडीलोहारा में आयोजित यह कार्यक्रम उसी ऐतिहासिक चेतना और भविष्य के संकल्प का जीवंत उदाहरण रहा।
कांग्रेस भवन में आयोजित इस आयोजन में संगठन के ध्वजारोहण, विचार संगोष्ठी और संबोधन के माध्यम से कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास, संघर्षपूर्ण यात्रा और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं में स्पष्ट रूप से यह भाव दिखा कि कांग्रेस केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि जनसेवा और संवैधानिक मूल्यों की प्रहरी है।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल प्रजापति, हस्तिमल सांखला, प्रदेश सचिव अनिल लोधा, ब्लॉक महामंत्री मेघनाथ साहू, नगर पंचायत विधायक प्रतिनिधि गोपी साहू, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भूपेन्द्र साहू, ब्लॉक उपाध्यक्ष भूपेश सहारे, प्रदेश संयोजक सोशल मीडिया डोमेंद्र साहसी, ब्लॉक सहसचिव चंद्रशेखर चुरेन्द्र, कमलेश टंक सहित अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं सैकड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक बना दिया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक समरसता की रक्षा की है। किसान, मजदूर, गरीब, युवा और वंचित वर्ग की पीड़ा को अपनी नीति और कार्यक्रमों का केंद्र बनाना ही कांग्रेस की पहचान रही है। आज जब देश अनेक सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब कांग्रेस की विचारधारा और अधिक प्रासंगिक हो गई है।
कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प दोहराया गया कि संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत किया जाएगा, जनसमस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा तथा कांग्रेस की नीतियों और मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने एकजुटता, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का दृढ़ निश्चय किया।
समापन अवसर पर सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि कांग्रेस की विरासत को केवल स्मरण नहीं, बल्कि कर्म में उतारते हुए एक मजबूत, धर्मनिरपेक्ष, समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के लिए सतत संघर्ष जारी रखा जाएगा।

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