स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त नज़र — संभागायुक्त का अचानक अस्पताल दौरा व्यवस्थाओं की ली गहन पड़ताल

संपादक :- मीनू साहु
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता उस समय स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जब दुर्ग संभाग के संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने जिला चिकित्सालय बालोद का अचानक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का गहन मूल्यांकन किया। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस दौरे ने अस्पताल प्रशासन को चौकन्ना कर दिया और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को सामने ला दिया।निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, उपचार कक्षों, ओपीडी, आपातकालीन इकाई तथा दवा वितरण केंद्र का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं तथा कर्मचारियों की कार्यशैली को गंभीरता से परखा। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी और अस्पताल आने वाले प्रत्येक नागरिक को बेहतर उपचार मिलना ही चाहिए।संभागायुक्त सीधे मरीजों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से उन्होंने उपचार की गुणवत्ता, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाइयों की स्थिति और अस्पताल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। मरीजों से मिली प्रतिक्रिया को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान बालोद जिले की कलेक्टर भी मौजूद रहीं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन के साथ समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की बात कही। वहीं प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए एसडीएम नूतन कंवर भी निरीक्षण दल के साथ मौजूद रहीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे सिविल सर्जन डॉ आर. के. श्रीमाली ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और चल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। संभागायुक्त ने उन्हें निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल आम जनता की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। यहां आने वाला हर मरीज सम्मान, संवेदनशीलता और भरोसे के साथ उपचार पाने का अधिकारी है। इसलिए अस्पताल की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि किसी भी मरीज को असुविधा का सामना न करना पड़े।अस्पताल के अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस आकस्मिक दौरे ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट संदेश दे दिया कि जनसेवा से जुड़े किसी भी संस्थान में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संभागायुक्त का यह निरीक्षण केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया एक सशक्त और प्रभावी कदम माना जा रहा है। इससे निश्चित रूप से अस्पताल की व्यवस्थाओं में और अधिक पारदर्शिता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखाई देगी।



