मजबूत पोषण और सही मार्गदर्शन से बदली जिंदगी — मातृ वंदना योजना से गीतांजली को मिला सुरक्षित मातृत्व

दुर्ग :- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महिला सशक्तिकरण केन्द्र दुर्ग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। परियोजना दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा अंतर्गत ग्राम सिलोदा, ग्राम पंचायत खपरी की निवासी गीतांजली साहू की कहानी यह साबित करती है कि सही जानकारी, पोषण और देखभाल से मातृत्व को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनकी जानकारी सही समय पर लोगों तक पहुंचे और उसका लाभ जरूरतमंद तक पहुंचे।
गीतांजली साहू, पति देवेंद्र कुमार साहू बताती हैं कि जब वह गर्भवती थीं, उसी दौरान महिला सशक्तिकरण केन्द्र की टीम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से उनका पंजीयन कराया गया और गर्भावस्था के पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 3000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।
शुरुआत में गीतांजली का वजन मात्र 38 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम था, जो गर्भवती महिला के लिए चिंताजनक स्थिति मानी जाती है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने इस सहायता राशि का उपयोग अपने पोषण को बेहतर बनाने में किया। उन्होंने अपने दैनिक आहार में अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां, सलाद, ताजे फल और दूध को शामिल किया।
संतुलित आहार और नियमित देखभाल का सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगा। गर्भावस्था के नौवें माह तक गीतांजली का वजन लगभग 8 किलोग्राम बढ़ गया और उनका हीमोग्लोबिन स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया। यह बदलाव उनके और उनके होने वाले बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
23 नवंबर 2025 को गीतांजली ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया, जिसका जन्म के समय वजन 2.50 किलोग्राम था। जन्म के बाद भी उन्होंने शिशु को नियमित स्तनपान कराया। परिणामस्वरूप मात्र एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर लगभग 3.5 किलोग्राम हो गया, जो स्वस्थ विकास का संकेत है।
गीतांजली साहू आज गर्भवती महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। वह कहती हैं कि यदि समय पर सही जानकारी और पोषण सहायता मिल जाए तो हर मां सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व का अनुभव कर सकती है। उन्होंने सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
यह कहानी केवल एक महिला की नहीं, बल्कि उस जागरूकता, सहयोग और व्यवस्था की भी है जो समाज में स्वस्थ मातृत्व और सशक्त नारी के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही है।



