फर्जी बोधन भट्ट द्वारा पत्रकारिता की मर्यादा पर प्रहार के खिलाफ निर्णायक हुंकार

संपादक:- मीनू साहू
रिपोर्टर:- उत्तम साहू
बालोद/पलारी:- छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गरिमा को आघात पहुँचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ अब माहौल गरमाता जा रहा है।इस पूरे मामले में बोधन भट्ट की भूमिका को लेकर संगठन ने गंभीर आरोप लगाए हैं।बताया गया कि यह वही व्यक्ति है, जिसका अतीत पहले भी विवादों से घिरा रहा है। जानकारी के अनुसार, इसने पूर्व में वरिष्ठ महिला पत्रकार मीनू साहू के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसकी शिकायत बालोद थाने में दी गई है।प्रेस रिपोर्टर क्लब ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए फैलाई जा रही झूठी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
संगठन का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य पत्रकारिता की विश्वसनीयता को चोट पहुँचाना और समाज में भ्रम फैलाना है।
प्रदेश अध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा कि संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर क्लब के नाम से चल रही कई पोस्ट पूरी तरह फर्जी हैं और उनका संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे कृत्य न केवल गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि कानून का भी खुला उल्लंघन हैं।संगठन ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई न होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। उनका कहना है कि कानून का भय खत्म होना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदनाम करने की साजिश
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति एक फर्जी यूट्यूब चैनल के माध्यम से महिला पत्रकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसमें झूठे आरोपों के जरिए उन्हें कानूनी झंझट में फँसाने की कोशिश की जा रही है।संगठन का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता बिरादरी को बदनाम करने की कोशिश है। ऐसे लोग कभी धर्म के नाम पर, तो कभी सामाजिक पहचान का सहारा लेकर लोगों को गुमराह करते हैं।
राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने इस मामले को लेकर अब व्यापक स्तर पर कार्रवाई का ऐलान किया है। प्रदेश भर के थानों में ज्ञापन सौंपने, वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की रणनीति तैयार कर ली गई है।संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह लड़ाई केवल प्रतिष्ठा की नहीं, बल्कि सत्य और विश्वास की है। पत्रकारिता की साख को बचाने के लिए अब हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा और भ्रामक प्रचार करने वाले तथाकथित ‘डिजिटल ठगों’ को कानून के कठघरे तक पहुँचाया



