पलारी शपथ ग्रहण समारोह पर सियासी संग्राम, भाजपा ने लगाया भेदभाव का आरोप

संपादक:- मीनू साहू
बालोद :- नगर पंचायत पलारी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में उनके साथ कथित भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए आयोजन के बहिष्कार का निर्णय लिया।
भाजपा पार्षदों ने निर्धारित कार्यक्रम में शपथ नहीं ली और बाद में अलग से शपथ ग्रहण किया।भाजपा पदाधिकारियों का आरोप है कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण आयोजन को कांग्रेस ने राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच बना दिया। उनका कहना है कि जिस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता द्वारा चुने गए
जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक दायित्वों की शपथ दिलाना था, उसे राजनीतिक संदेश देने और वर्चस्व स्थापित करने के माध्यम के रूप में उपयोग किया गया।भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का समान सम्मान होना चाहिए, लेकिन पलारी के शपथ ग्रहण समारोह में जो परिस्थितियां निर्मित हुईं, वे लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत थीं।
पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान विपक्षी जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, जिससे असंतोष का माहौल बना।भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मंच से लोकतंत्र, जनादेश और जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात की जाती है, तो सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने ऐसा संदेश देने का प्रयास किया कि
राजनीतिक विरोधियों के लिए लोकतांत्रिक मंचों पर पर्याप्त स्थान नहीं है।भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत जनता की संस्था है, किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं। उन्होंने कहा कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्वीकार नहीं करती और समय आने पर उसका जवाब भी देती है।भाजपा ने पूरे मामले की प्रशासनिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि सरकारी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का उपयोग राजनीतिक पक्षपात के लिए किया गया है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक मंचों पर विपक्ष के सम्मान की अनदेखी की गई तो
भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी।फिलहाल नगर पंचायत पलारी का शपथ ग्रहण समारोह विकास और जनहित के मुद्दों से अधिक राजनीतिक विवाद, भेदभाव के आरोपों तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।



