“बालोद से छत्तीसगढ़ तक—कांग्रेस अभियान पर पत्रकारों की सर्जिकल स्ट्राइक, ऑब्जर्वर हिना कावरे ने संभाली मोर्चा”
“बालोद से छत्तीसगढ़ तक—कांग्रेस अभियान पर पत्रकारों की सर्जिकल स्ट्राइक, ऑब्जर्वर हिना कावरे ने संभाली मोर्चा”


बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला कांग्रेस कमेटी में आज का संवाद बेहद खास रहा। कांग्रेस के नए संगठन निर्माण अभियान को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारों ने मंच पर मौजूद नेताओं से सीधे और धारदार सवाल पूछे। संवाद में जहां सकारात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं कई तीखे सवालों ने नेताओं को जवाबदेही के घेरे में भी ला खड़ा किया।पत्रकारों ने राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े सवालों से कार्यक्रम की शुरुआत की। “राहुल गांधी जी के नेतृत्व में यह अभियान 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस को कैसे तैयार करेगा?”—इस सवाल पर पार्टी ऑब्जर्वर्स ने कहा कि संगठन बूथ स्तर पर मजबूत होगा और युवाओं को निर्णायक जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों पर उठे सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री श्री भगत ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस आदिवासी समुदाय को भूमि अधिकार और शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाएगी।पत्रकारों ने पूछा कि “महिलाओं और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?” इस पर जवाब आया कि महिला मोर्चा और युवा कांग्रेस को समान महत्व देकर 5-स्तरीय संगठन (बूथ से जिला तक) खड़ा किया जाएगा।
निगेटिव सवालों की धार
संवाद के बीच पत्रकारों ने गुटबाजी और देरी से अभियान शुरू होने पर भी तीखे सवाल दागे। सवाल उठा कि “क्या यह अभियान वाकई गुटबाजी खत्म करेगा या केवल सतही बदलाव लाएगा?” साथ ही यह भी पूछा गया कि 27 जिलों के अध्यक्ष बदलने का लक्ष्य तय था, लेकिन सितंबर तक देरी क्यों हुई? विपक्षी भूमिका को लेकर भी सवाल उठा कि “बीजेपी सरकार के दौरान बालोद में बाढ़ और कृषि संकट पर कांग्रेस कमजोर क्यों दिखी?”

हिना कावरे का ठोस जवाब
इन सभी सवालों के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से नियुक्त ऑब्जर्वर सुश्री हिना कावरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने साफ कहा कि “यह अभियान केवल पदों का बंटवारा नहीं है, बल्कि वैचारिक मजबूती और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि संगठन सृजन के माध्यम से हर बूथ पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि कोई भी कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस न करे आज का संवाद कांग्रेस नेताओं के लिए एक बड़ा आईना साबित हुआ। पत्रकारों ने जहां सकारात्मक सवालों के जरिए योजनाओं को सामने लाने का मौका दिया, वहीं तीखे सवालों से जवाबदेही भी तय की। इस पूरे संवाद में ऑब्जर्वर सुश्री हिना कावरे ने अपने ठोस जवाबों से माहौल को संतुलित किया और अभियान की गंभीरता को रेखांकित किया। यही उनकी सबसे बड़ी भूमिका रही, जिसने संवाद को धारदार और प्रभावी बना दिया।




