धर्म-अध्यात्म

शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर को, जानें पूजन मुहूर्त और धार्मिक महत्व

आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि इस बार 6 अक्टूबर दोपहर 12:23 बजे से शुरू होकर 7 अक्टूबर सुबह 9:16 बजे तक रहेगी। इसी दौरान शरद पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागर पूजा भी कहा जाता है, का शुभ मुहूर्त 6 अक्टूबर रात 11:45 बजे से 7 अक्टूबर दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। इस दिन चंद्रोदय शाम 5:27 बजे होगा।

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ धरती पर अमृत बरसाता है। कहा जाता है कि इस रात उसकी किरणों से अमृत बूंदें टपकती हैं, इसलिए परंपरा है कि खीर बनाकर उसे चांदनी में पूरी रात रखा जाता है और अगली सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। ऐसा करने से रोग दूर होते हैं और चंद्रमा की अशुभता भी कम होती है।

यह दिन मां लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना गया है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी का जन्मदिन माना जाता है और इस दिन पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। मां को प्रसन्न करने के लिए ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जप और खीर सहित अन्य प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है।

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