डौडीलोहारा BEO की मनमानी पर प्रशासन मौन — प्रेस रिपोर्टर क्लब का सख्त रुख, एक दिवसीय धरना”

बालोद :—छत्तीसगढ़ में बालोद जिला के डौंडीलोहारा विकासखंड में बीईओ हिमांशु मिश्रा द्वारा युक्ति युक्तकरण नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएँ और पद-स्थापना में खुलेआम गड़बड़ियों की शिकायतों पर जिला प्रशासन की चुप्पी अब बड़े सवाल खड़े कर रही है। महीनों पहले दिया गया आवेदन न जाने किस फाइल के बोझ नीचे दबा है—न जांच, न कार्रवाई, न कोई जवाब!प्रशासन की यह लापरवाही अब खुले तौर पर यह संकेत दे रही है कि अधिकारी “सवालों से बचने” और “सच को दबाने” में ज्यादा रुचि रखते हैं, बजाय पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के।स्थानीय शिक्षाकर्मियों, पीड़ित परिवारों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, बीईओ कार्यालय में फाइलें सुविधा से ज्यादा “पहचान” के आधार पर चल रही हैं। अनुकंपा नियुक्ति जैसे संवेदनशील मामलों में भी कथित रूप से मनमानी, पक्षपात और नियमों की अनदेखी की शिकायतें लगातार उठती रहीं, मगर जिला स्तर पर मानो “सब कुछ सामान्य” बताने की ही तैयारी रही हो।
प्रशासन की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल
जिला प्रशासन ने इन गंभीर आरोपों पर न कोई जांच टीम गठित की, न ही आवेदकों से तथ्य जुटाने की जहमत उठाई। सवाल यह भी है कि—
क्या प्रशासन बीईओ कार्यालय के मामले में आंख मूंदे बैठा है?
या फिर शिकायतें सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ाने भर के लिए स्वीकार की जाती हैं?युक्ति युक्तकरण नियुक्ति जैसे संवेदनशील मामलों में भ्रष्टाचार किसके इशारे पर और क्यों?
प्रेस रिपोर्टर क्लब का सख्त रुख
प्रशासन की इस अनसुनी और उदासीनता ने अब पत्रकार संगठन “प्रेस रिपोर्टर क्लब जिला बालोद” को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। संगठन ने घोषणा की है कि मुख्यालय में एक दिवसीय शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें न सिर्फ बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग होगी, बल्कि जिला प्रशासन की लचर व्यवस्था को लेकर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।क्लब का कहना है कि “जब शिक्षक, ग्रामीण और पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकते हैं, और प्रशासन उनकी आवाज नहीं सुनता, तब मीडिया संगठन का सड़क पर उतरना लोकतंत्र की आवश्यकता बन जाता है।”
“आवेदन दबाओ—सवाल दबाओ” की नीति
डोडीलोहारा ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि फाइलें और आदेश नियमों से अधिक सिफारिशों और व्यक्तिगत प्रभाव पर चल रहे हैं। पद-स्थापना में भी पक्षपात के गंभीर आरोप बार-बार सामने आए हैं, मगर जिला स्तर पर कोई ठोस कदम—शून्य!
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने साफ कहा—
“अब जिला प्रशासन को जवाब देना होगा कि आखिर वह किसके दबाव में शिकायतों को दबा रहा है।”
धरने की मांगें होंगी स्पष्ट और कड़ी :
1. बीईओ हिमांशु मिश्रा के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच
2. युक्ति युक्तकरण नियुक्ति व पद-स्थापना की सभी फाइलों की स्वतंत्र जांच
3. प्रशासनिक चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही
4. शिकायतों को दबाने वाले तंत्र की पूरी पड़ताल
असली सवाल — क्या जिला प्रशासन जागेगा?
बालोद में लगातार उठ रही शिकायतें और अब पत्रकार संगठन का उग्र रुख इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं।यदि प्रशासन अब भी अनदेखी करता है, तो स्पष्ट है कि सिस्टम के भीतर कुछ न कुछ गंभीर रूप से गड़बड़ है, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।



