हमर छत्तीसगढ़

कोड़ेवा के शिक्षक मेन सिंह साहू पर फर्जीवाड़ा धन की लूट और शिक्षक संहिता की धारा उल्लंघन के गंभीर आरोप

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में गुण्डरदेही विकासखंड के प्राथमिक शाला कोड़ेवा के प्रधान पाठक एवं कोटगांव संकुल समन्वयक मेन सिंह साहू पर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप अब शिक्षा तंत्र के भीतर फैली गंदगी और प्रशासनिक उदासीनता की भयावह तस्वीर सामने ला रहे हैं। दो माह पहले शिकायत होने के बावजूद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की चुप्पी यह साफ संकेत दे रही है कि पूरे मामले को जानबूझकर दबाने की कोशिश की जा रही है।RTI के तहत प्राप्त दस्तावेजों ने शाला प्रबंधन में चल रहे व्यापक फर्जीवाड़े का खुला पर्दाफाश किया है। बिना क्रय समिति, बिना SMC प्रस्ताव और बिना कोटेशन के हजारों की सामग्री खरीदी गई। दान में मिली मिट्टी के बावजूद बिल बनाकर राशि निकाली गई। कई बिल एक ही नंबर के, GST एक जैसा, दुकानदार के नाम अलग-अलग—ये सभी प्रविष्टियाँ बताती हैं कि बिल खुद तैयार किए गए और सरकारी धन को निजी खातों की तरह उड़ाया गया।प्रधान पाठक द्वारा अपनी पत्नी के नाम पर डिजिटल हस्ताक्षर के लिए राशि निकालना न सिर्फ अनैतिक, बल्कि शिक्षक संहिता का खुला उल्लंघन है। RTI में मिले रिकॉर्ड में कई वर्षों के खर्च पूरी तरह संदिग्ध, दोहराव से भरे और मनगढ़ंत पाए गए हैं—मानो शाला नहीं, बल्कि एक फर्जी बिल फैक्ट्री चलाई जा रही हो।

शिक्षक संहिता (छत्तीसगढ़ शासन / राष्ट्रीय शिक्षक आचार संहिता—NCTE Code of Professional Ethics की धाराओं का उल्लंघन)

धारा 1.1 — विद्यार्थी के हित को सर्वोपरि रखने का दायित्व। बच्चों की पढ़ाई छोड़कर निजी लाभ के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग इस धारा का सीधा उल्लंघन है।

धारा 1.4 — विद्यालय के संसाधनों का ईमानदारी से उपयोग। फर्जी बिल लगाकर धन आहरण करना इस धारा का गंभीर हनन है।

धारा 2.2 — विद्यालयी धन और संपत्ति का पारदर्शी प्रबंधन। यहाँ पूरे लेखे–जोखे में धोखाधड़ी उजागर हुई है।

धारा 3.3 — पद का निजी लाभ के लिए उपयोग न करना। पत्नी के नाम पर राशि निकालना इस धारा का सीधा अपराध है।

धारा 4.1 — शिक्षक का चरित्र और सत्यनिष्ठा। फर्जी बिलिंग और धोखाधड़ी से यह धारा पूरी तरह टूट चुकी है।

कानूनी रूप से भी ये कृत्य गंभीर अपराध हैं — IPC की धारा 420, 409, 468, 471 और 120B सीधे लागू होती हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पिछले 10 वर्षों—2017 से 2025 तक—संकुल कोड़ेवा और कोटगांव में आए सभी शैक्षणिक मद, PPA, लेजर, केस बुक और बिल–बाउचर की स्वतंत्र जांच की जाए और मेन सिंह साहू सहित सभी लिप्त अधिकारियों–कर्मचारियों पर निलंबन, राशि वसूली और FIR की कार्रवाई तत्काल की जाए।जिला प्रशासन की मौन भूमिका अब सवाल नहीं, गंभीर संदेह बन चुकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनआक्रोश खड़ा होगा।

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