शिक्षा दीप मुख्यमंत्री गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत बालोद के विद्यालयों में नवचेतना का संचार

बालोद :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखने वाला शिक्षा क्षेत्र जब गुणवत्ता से जुड़ता है, तब समाज की दिशा और दशा दोनों बदलती हैं। इसी संकल्प के साथ मुख्यमंत्री गुणवत्ता शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा स्थायी समिति के सभापति तोमन साहू द्वारा SAGES निपानी तथा शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भेड़िया नवागांव का व्यापक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवेश को नई ऊर्जा, उत्तरदायित्व और उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त प्रयास रहा।निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शैक्षणिक स्थिति, रुचियों और समस्याओं को गंभीरता से समझा गया। शिक्षकों से भी शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम संचालन और विद्यालय की आंतरिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संवाद ने यह स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल भवन और संसाधनों से नहीं, बल्कि शिक्षकों की प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों की जिज्ञासा से साकार होती है।निरीक्षण के क्रम में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने हेतु ठोस दिशा-निर्देश दिए गए। वार्षिक शिक्षा कैलेंडर के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को व्यवहार में उतारने तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। यह भी कहा गया कि विद्यालय को डी ग्रेड से ए ग्रेड की ओर ले जाने की जिम्मेदारी सामूहिक प्रयास से ही पूरी हो सकती है। शैक्षणिक वातावरण का निर्माण शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर करते हैं; बाहरी सुधार सीमित होते हैं, जबकि आंतरिक परिवर्तन स्थायी होता है।इस अवसर पर यह संदेश भी स्पष्ट रूप से रखा गया कि सरकार मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए सदैव तत्पर है, किंतु शिक्षा की आत्मा अनुशासन, समर्पण और नवाचार से ही विकसित होती है। विद्यालयों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा, नियमित मूल्यांकन और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया गया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री गुणवत्ता शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिन विद्यालयों को डी ग्रेड प्राप्त हुआ है, उनकी शैक्षणिक स्थिति में सुधार लाने हेतु राज्य सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को निरीक्षण एवं मूल्यांकन का दायित्व सौंपा गया है। इसी कड़ी में यह निरीक्षण आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य केवल कमियों को रेखांकित करना नहीं, बल्कि सुधार की ठोस राह प्रशस्त करना रहा।निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।भेड़िया नवागांव विद्यालय में स्मार्ट क्लास की सुविधा, पौधों की सुरक्षा हेतु अहाता निर्माण तथा विद्यार्थियों की सामूहिक प्रार्थना के लिए प्रार्थना शेड निर्माण की घोषणा की गई। वहीं SAGES निपानी विद्यालय में भी स्मार्ट क्लास सुविधा प्रदान करने की बात कही गई, जिससे डिजिटल माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।यह भी स्पष्ट किया गया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, जीवन कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ी होती है। शिक्षकों से अपेक्षा की गई कि वे बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करें।निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। यह सामूहिक सहभागिता इस बात का प्रमाण रही कि शिक्षा सुधार एक साझा दायित्व है।समग्र रूप से यह निरीक्षण शिक्षा के क्षेत्र में नवसंकल्प, कर्तव्यबोध और उत्कृष्टता की ओर बढ़ता एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ। मुख्यमंत्री गुणवत्ता शिक्षा अभियान के माध्यम से बालोद जिले के विद्यालयों में ज्ञान का दीप प्रज्वलित हो रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को आलोकित करेगा।



