हमर छत्तीसगढ़

भक्ति, संस्कृति और सम्मान का संगम—कोसागोंदी में देवी जय झांकी प्रतियोगिता ने रचा सामाजिक एकता का नया अध्याय

 

बालोद/पलारीः—छत्तीसगढ़ के बालोद जिले अंतर्गत विकासखंड गुरूर के ग्राम कोसागोंदी में आयोजित दो दिवसीय देवी जय झांकी प्रतियोगिता ने धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और सामाजिक सौहार्द का भव्य उदाहरण प्रस्तुत किया। जय भारतीय जस झांकी एवं भजन मंडली तथा समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में 07 एवं 08 फरवरी को रामजानकी मंदिर प्रांगण में हुए इस आयोजन ने पूरे अंचल को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।प्रतियोगिता का समापन दिवस विशेष रूप से यादगार रहा, जब मंच पर विशिष्ट अतिथियों का गरिमामय आगमन हुआ और आयोजन समिति द्वारा उनका सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय महाविद्यालय बासीन के व्याख्याता प्रीतकुमार साहू उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूती मिलती है और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोसागोंदी सोसायटी अध्यक्ष आलोक पटेल ने की।विशिष्ट अतिथियों में शासकीय प्राथमिक शाला पिकरीपार के प्रधान पाठक लीलाराम साहू, प्रेस रिपोर्टर क्लब बालोद के उपाध्यक्ष उत्तम साहू, प्रेस रिपोर्टर क्लब ब्लॉक गुरूर के अध्यक्ष रिखीराम साहू, ग्राम पंचायत ओझागहन के सचिव हेमलाल साहू, नवीन कृषि केंद्र कोसागोंदी के संचालक मिथलेश साहू, ग्राम पंचायत कोसागोंदी के पूर्व पंच उमेद साहू, वरिष्ठ नागरिक महंगू निषाद एवं शंकरलाल कुर्रे, ग्राम पेयजल कोसागोंदी के कोषाध्यक्ष टिकेश साहू, कोसागोंदी निवासी कारपेंटर नेमचंद साहू, खेरथा निवासी कारपेंटर इंद्रजीत निषाद तथा ग्राम पंचायत कोसागोंदी के पंच श्यामलाल साहू और सोमनलाल साहू प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊंचाइयों तक पहुंचाया।इस अवसर पर देवी जय झांकी एवं भजन मंडलियों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भक्ति गीतों, जस झांकी और सांस्कृतिक झांकियों के माध्यम से देवी शक्ति की महिमा का जीवंत चित्रण हुआ। ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिलने से न केवल उनका उत्साह बढ़ा, बल्कि लोककला के संरक्षण का संदेश भी सशक्त रूप से सामने आया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश निषाद, उपाध्यक्ष रवि निर्मलकर, सचिव/संचालक दिनेश कुमार निषाद, सहसचिव शैलेन्द्र निषाद, कोषाध्यक्ष ढलेश्वर निषाद तथा संरक्षक छत्रपाल साहू, विशाल निषाद, डोमार निषाद, अजय निर्मलकर और देवप्रकाश निषाद ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। समिति के सदस्यों की समर्पित भूमिका और ग्रामवासियों का सहयोग इस सफल आयोजन की सबसे बड़ी ताकत रहा।कुल मिलाकर, कोसागोंदी में आयोजित देवी जय झांकी प्रतियोगिता केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरी। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था, परंपरा और सामूहिक प्रयास एक साथ आते हैं, तो गांव की पहचान पूरे क्षेत्र में मिसाल बन जाती है।

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