पार्षद सुमित शर्मा बोले सेवा ही पहचान स्टैंप पर लिखा वचन बना भरोसे की मिसाल

बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद जिला के जिलामुख्यालय में नगर पालिका वार्ड क्रमांक 12 के जनप्रतिनिधित्व की एक सकारात्मक और भरोसा जगाने वाली तस्वीर उभरकर सामने आई है। पार्षद सुमित शर्मा के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा होते ही वार्ड में किए गए काम अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं। चुनाव के समय स्टैंप पेपर पर लिखे गए वचनों को केवल घोषणा न मानकर जिम्मेदारी समझने की उनकी पहल आज चर्चा का विषय बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि पहली बार किसी ने कागज़ पर लिखे वादों को सच में निभाने की शुरुआत की है।पार्षद का कहना है कि जनता का विश्वास जीतना सबसे बड़ा दायित्व होता है। इसी सोच के साथ उन्होंने वार्ड में योजनाओं को कागज़ से निकालकर लोगों तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी। एक वर्ष के भीतर कई ऐसे काम हुए जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिला है।श्रमिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए श्रम विभाग का विशेष शिविर आयोजित कराया गया। इस शिविर में लगभग सौ लोगों के श्रम कार्ड बनाए गए और उनकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई गई। इससे मजदूर वर्ग के लिए योजनाओं का लाभ लेना आसान हुआ और उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा।गरीब परिवारों के लिए पक्के घर का सपना पूरा करने की दिशा में भी काम हुआ। पात्र हितग्राहियों को आवास योजना से जोड़कर उन्हें घर उपलब्ध कराए गए। कई परिवार जो वर्षों से कच्चे मकानों में रह रहे थे, अब सुरक्षित छत के नीचे जीवन जी रहे हैं।
राशन कार्ड बनवाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किए गए। 110 से अधिक लोगों को नया राशन कार्ड दिलवाकर उन्हें खाद्यान्न योजना से जोड़ा गया, जिससे अब उन्हें नियमित रूप से सस्ता और पर्याप्त राशन मिल रहा है।पार्षद निधि का उपयोग करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर 16 कुर्सियां लगवाई गईं ताकि बुजुर्गों और राहगीरों को बैठने की सुविधा मिल सके। पेयजल संकट दूर करने के लिए बोरिंग करवाकर कई मोहल्लों में पानी की समस्या हल की गई। इससे लोगों को रोज़मर्रा की परेशानी से राहत मिली है।
स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए नालियों की नियमित सफाई करवाई जा रही है। साफ-सफाई से वार्ड का वातावरण बेहतर हुआ है और बीमारियों की आशंका कम हुई है। लोगों का कहना है कि पहले जो गंदगी दिखती थी, अब वहां साफ-सुथरा माहौल नजर आता है।
सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए चार कन्याओं को 2100-2100 रुपये की सहायता दी गई। बेटियों के जन्म पर दो परिवारों को प्रोत्साहन राशि देकर सकारात्मक संदेश दिया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को सहयोग देने के लिए चार गणेश समितियों को 5100-5100 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे सामाजिक एकजुटता मजबूत हुई है।रात के समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहां-जहां स्ट्रीट लाइट नहीं थीं, वहां नई लाइटें लगवाई गईं। इससे अंधेरे क्षेत्रों में रोशनी पहुंची और लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिली।गरीब परिवारों के लिए संवेदनशील पहल के रूप में आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में सहायता देने का वादा भी निभाया गया। अब तक आठ परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। अचानक बीमारी की स्थिति में नौ परिवारों को एम्बुलेंस उपलब्ध कराकर त्वरित मदद दी गई।पार्षद सुमित शर्मा का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल विकास कार्य करना नहीं बल्कि हर व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी वार्ड और शहर की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाकर समाधान के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।वार्डवासियों का कहना है कि स्टैंप पेपर पर लिखे वचन निभाना जनप्रतिनिधि की सच्ची जवाबदेही का उदाहरण है। एक साल में हुए कामों ने न सिर्फ विकास को गति दी है बल्कि लोगों का भरोसा भी मजबूत किया है — और यही किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी सफलता होती है।



