हमर छत्तीसगढ़

अन्याय के विरुद्ध निर्णायक हुंकार टेढेसरा में जनशक्ति का उभार

 

राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के जिला राजनादगांव में गैर-राजनीतिक संगठन कर्तव्य न्याय भागीदारी आंदोलन तथा राजनीतिक संगठन फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी अब केवल नाम भर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे शोषितों, वंचितों और उपेक्षित समाज की जीवित आवाज बनकर उभरे हैं। वर्षों से दबे आक्रोश, टूटी उम्मीदों और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ अब निर्णायक संघर्ष का बिगुल बज चुका है।इसी क्रम में दिनांक 23 फरवरी 2026, सोमवार, समय प्रातः 11 बजे, स्थान टेढेसरा में दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के साथ विशाल चक्का जाम एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यह केवल विरोध नहीं होगा, बल्कि जनाधिकारों की सीधी लड़ाई का मंच बनेगा, जहाँ प्रशासन को जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा।

यह आंदोलन उन किसानों के लिए है जिनकी जमीनें योजनाओं में कुचली गईं, उन मजदूरों के लिए है जिनकी मेहनत का मूल्य छीना गया, उन युवाओं के लिए है जिनके सपनों पर बेरोजगारी का ताला जड़ा गया, और उन महिलाओं के लिए है जिनकी आवाज को व्यवस्था ने बार-बार अनसुना किया। अब चुप्पी नहीं — सवाल होगा, जवाब भी होगा, और आवश्यकता पड़ी तो कार्रवाई की मांग पर निर्णायक दबाव भी बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा सीधे अधिकारियों के साथ जनसुनवाई की जाएगी। फाइलों में धूल खाती शिकायतों को सार्वजनिक मंच पर रखा जाएगा। भ्रष्टाचार, लापरवाही, विकास कार्यों में भेदभाव, और योजनाओं की लूट पर कठोर सवाल उठेंगे। यह आयोजन स्पष्ट संदेश देगा कि जनता अब आश्वासन नहीं, ठोस समाधान चाहती है।यह आंदोलन किसी दल, जाति या समूह की सीमाओं में बंधा नहीं है — यह जनसम्मान, संवैधानिक अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। यहां उठने वाली आवाजें केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि व्यवस्था को यह चेतावनी देंगी कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर है।यदि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाता है तो समाधान का रास्ता खुलेगा, अन्यथा जनदबाव और व्यापक संघर्ष की दिशा तय होगी। यह आयोजन निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि अब लोग डरने नहीं, लड़ने के लिए तैयार हैं।
आइए, अन्याय के खिलाफ एकजुट हों, अपने अधिकारों की रक्षा करें, और संविधान की शक्ति को जनशक्ति में बदलें।
जय भारत — जय संविधान — जय भीम

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