कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं — जवाब दो थाना जामगांव(आर)!

रिपोर्टर :- गोपाल निर्मलकर
दुर्ग :- छत्तीसगढ़ में जिला दुर्ग के थाना जामगांव(आर )में शराब तस्करी जैसे गंभीर अपराध में पकड़े गए आरोपी को कथित रूप से छोड़ दिए जाने की खबर ने जनमानस को झकझोर दिया है। जब कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ जाए, तो लोकतंत्र की आत्मा आहत होती है।यदि यह तथ्य सत्य है, तो यह केवल एक व्यक्ति को रिहा करने का मामला नहीं, बल्कि कानून की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है।शराब तस्करी कोई साधारण उल्लंघन नहीं। यह सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाला संगठित अपराध है, जो युवाओं को गुमराह करता है, अपराध दर बढ़ाता है और शासन की नीतियों को चुनौती देता है। ऐसे अपराध में संलिप्त व्यक्ति को पकड़कर छोड़ देना—यदि विधिसम्मत प्रक्रिया के बिना हुआ है—तो यह कर्तव्य की उपेक्षा, शक्ति का दुरुपयोग और दंड प्रक्रिया संहिता की भावना के विपरीत कदम माना जाएगा।जनता यह जानना चाहती है।क्या आरोपी के विरुद्ध विधिवत जब्ती पंचनामा बना?क्या आवश्यक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई?क्या सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया?यदि नहीं, तो किस अधिकार से रिहाई दी गई?कानून स्पष्ट है—किसी भी संज्ञेय अपराध में पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष कार्रवाई करे, साक्ष्य सुरक्षित रखे और न्यायालयीन प्रक्रिया का पालन करे। यदि किसी दबाव, सांठगांठ या अनुचित प्रभाव के कारण कार्रवाई शिथिल की गई है, तो यह केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि जवाबदेही का गंभीर प्रश्न है।पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो।संबंधित अधिकारियों की भूमिका सार्वजनिक की जाए।यदि प्रक्रिया में चूक पाई जाए, तो विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।यह चेतावनी नहीं—कानूनी अधिकारों की उद्घोषणा है। लोकतंत्र में पुलिस जनता के प्रति जवाबदेह है, न कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के प्रति। यदि अपराधी तंत्र को संरक्षण मिलता है, तो यह समाज में गलत संदेश देता है कि कानून कमजोर है। परंतु याद रखिए—संविधान सर्वोपरि है, और कानून से ऊपर कोई नहीं।आज आवश्यकता है दृढ़ संकल्प की। कानून का सम्मान अनिवार्य है। यदि कोई तंत्र उसे कमजोर करने की कोशिश करेगा, तो जनशक्ति और संवैधानिक प्रक्रिया मिलकर जवाब देंगी। अब मौन नहीं—पारदर्शिता और जवाबदेही ही अंतिम समाधान है। यह खबर प्राप्त ऑडियो के आधार पर है जिसकी पुष्टि AD न्यूज नहीं करता है



