हमर छत्तीसगढ़

संकल्प से सशक्तिकरण तक — बालोद में आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

 

संपादक:- मीनू साहु 

बालोद:- छत्तीसगढ़ में बालोद की धरती पर आज संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण देखने को मिला। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान 13 दिव्यांग नागरिकों को बैटरी संचालित ट्राय सायकल भेंट कर उनके जीवन में नई गति और नई उम्मीद का संचार किया। यह पहल केवल उपकरण वितरण नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।जनदर्शन में पहुँचे ये सभी नागरिक चलने-फिरने में आ रही गंभीर कठिनाइयों के कारण सहायक साधन की मांग लेकर आए थे। प्रशासन ने उनकी आवश्यकता को संवेदनशीलता से समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। ग्राम रेंघई के जीवनलाल, कुम्हली के दिलीप कुमार एवं गजानंद साहू, दल्लीराजहरा के संजू विश्वकर्मा, खेमिन, सावित्री साहू, लीला साहू, बघमरा के झमित पटेल, सोंहपुर की लता साहू, परसाडीह के मुकेश कुमार, सिवनी की हिरमोतिन निषाद, सिकोसा के पीला साहू तथा खुंटेरी के पुसऊराम साहू को यह अत्याधुनिक ट्राय सायकल प्रदान की गई।जैसे ही उन्हें यह सहायक वाहन मिला, उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक साफ झलक उठी। अब उन्हें दैनिक कार्यों, रोजगार, शिक्षा या सामाजिक सहभागिता के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह पहल दर्शाती है कि यदि शासन-प्रशासन संवेदनशील हो, तो चुनौतियाँ अवसर में बदल सकती हैं।इस अवसर पर चंद्रवंशी ने सभी हितग्राहियों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि पात्र लोगों तक उनका लाभ सुनिश्चित करना है। उपस्थित दिव्यांग नागरिकों ने भी समस्याओं के त्वरित निराकरण और सहज व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।यह वितरण कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि विकास तब सार्थक है जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुँचे। बालोद का यह प्रयास केवल सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। अब ये 13 जीवन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे—रुकावटें नहीं, संभावनाएँ उनकी पहचान बनेंगी।

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