11 अप्रैल को गूंजेगा ‘पढ़ई तिहार’ – शिक्षा के महाअभियान में बालोद तैयार

संपादक :- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 11 अप्रैल 2026, शनिवार को एक खास पहल की दस्तक सुनाई देने वाली है। प्राथमिक शालाओं में आयोजित होने वाला ‘पढ़ई तिहार’ अब केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का मजबूत संकल्प बन चुका है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा की ओर से सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की माताओं से जोरदार अपील की गई है कि वे इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसे सफल बनाएं।
यह सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने का सशक्त माध्यम है। बीते वर्षों में इस पहल ने जो सकारात्मक परिणाम दिए हैं, उन्होंने साबित कर दिया है कि जब स्कूल और परिवार साथ आते हैं, तब शिक्षा की दिशा बदलती है। गर्मी की छुट्टियों में भी बच्चों का पढ़ाई से जुड़ाव बना रहना इसी प्रयास की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
कोरोना काल की कठिन परिस्थितियों में जब स्कूलों के दरवाजे बंद थे, तब भी शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर शिक्षा की लौ जलाए रखी। उसी जज्बे को आगे बढ़ाते हुए ‘पढ़ई तिहार’ अब नई ऊर्जा के साथ सामने है। यह पहल न सिर्फ बच्चों को सीखने के प्रति प्रेरित करती है, बल्कि घर-घर में शिक्षा का माहौल भी तैयार करती है।
जिले के विभिन्न विकासखंडों में नियुक्त नोडल शिक्षकों के नेतृत्व में यह कार्यक्रम संगठित तरीके से संचालित होगा। पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की माताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अपने बच्चों के साथ मिलकर घर पर शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लें। यह प्रयास बच्चों की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन हर प्राथमिक शाला में अनिवार्य रूप से किया जाएगा। सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, संकुल समन्वयकों और बीआरसीसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इसे पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ संपन्न करें।
अब वक्त है एकजुट होकर शिक्षा के इस महाअभियान को नई ऊंचाई देने का। ‘पढ़ई तिहार’ केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद है। आइए, 11 अप्रैल को इसे जनांदोलन बनाएं और हर घर में ज्ञान की रोशनी फैलाएं।



