संविधान के अपमान पर सख्ती की मांग, राजनांदगांव में FIR की तहरीर

संपादक :- मीनू साहू
राजनांदगांव, :- छत्तीसगढ़ के फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने भारतीय संविधान के कथित अपमान के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए भिलाई निवासी युवती अनामिका उपाध्याय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों—कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आईजी और सिटी कोतवाली—को लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
शिकायत के अनुसार, अनामिका उपाध्याय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक रील साझा की, जिसमें भारतीय संविधान, संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर और आरक्षण व्यवस्था को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। शिवशंकर सिंह का आरोप है कि यह न केवल सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कृत्य है, बल्कि देश की एकता और अखंडता के लिए भी खतरा पैदा करता है।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां देश में विद्रोह और अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा दे सकती हैं। प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जिसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के आदर्शों का पालन करना नागरिकों का मौलिक दायित्व है।
शिवशंकर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो इसे कानून की अवहेलना माना जाएगा, जिसके तहत BNS की धारा 198 लागू हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन करेगा।
आवेदन के साथ विवादित रील के स्क्रीनशॉट और वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में जमा कराए गए हैं। यह मामला अब प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।



