श्रमिक दिवस पर बड़ा ऐलान—एफडीएलपी के प्रदेश अध्यक्ष बने महेंद्र साहू, नई राजनीतिक हलचल शुरू

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब फारवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (एफडीएलपी) ने अधिवक्ता महेंद्र कुमार साहू को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय समिति द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर के मार्गदर्शन में लिया गया, जिसे राजनीतिक गलियारों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महेंद्र साहू का नाम प्रदेश की श्रमिक और सामाजिक राजनीति में पहले से ही चर्चित रहा है। उनके नेतृत्व में पार्टी को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोती हिरवानी, नरेंद्र मंडावी, उत्तम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता और ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। साथ ही, नेशनल मंडेला अवार्ड से सम्मानित शांति दूत दादा शेर सिंह अचला का विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
महेंद्र साहू की जीवन यात्रा संघर्ष और समर्पण की मिसाल रही है। उन्होंने यांत्रिकी में स्नातक, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर तथा विधि की शिक्षा प्राप्त की है। लगभग 10 वर्षों तक देश के विभिन्न पावर प्लांट्स में कार्य करने के बाद उन्होंने समाजसेवा का मार्ग चुना। जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को लेकर आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई और लगभग 700 बेरोजगार मजदूरों को रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कोरोना काल के दौरान वैक्सीन की विश्वसनीयता को लेकर सरकार से टकराव के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसे संघर्ष का हिस्सा मानते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। बाद में विधि की पढ़ाई कर वे वकालत के क्षेत्र में आए और भारतीय किसान यूनियन में प्रदेश विधिक सलाहकार के रूप में भी कार्य किया।
कार्यक्रम के तहत खड़गांव से मानपुर, मोहला, गोटाटोला होते हुए पुनः खड़गांव तक रैली निकाली जाएगी। इसके अलावा खनिज, ट्रेड यूनियन और ग्राम सभा के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा जाएगा। अंत में खड़गांव में सामूहिक भोजन का आयोजन भी रखा गया है।
महेंद्र साहू की नियुक्ति से प्रदेश की राजनीति में नई ऊर्जा और हलचल देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि उनका नेतृत्व श्रमिकों के हित में कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है और आने वाले समय में सियासी समीकरणों को किस तरह प्रभावित करता है।



