गुण्डरदेही उपपंजीयक कार्यालय में अधिवक्ताओं का उग्र तेवर, अभद्रता पर दस्तावेज लेखक को सार्वजनिक माफ़ी मांगनी पड़ी

संपादक:- मीनू साहू
बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुण्डरदेही उपपंजीयक कार्यालय में रविवार को उस समय जबरदस्त तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब तहसील अधिवक्ता संघ गुण्डरदेही ने अधिवक्ता गिरीश साहू के साथ किए गए कथित अपमानजनक और असभ्य व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने उपपंजीयक कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज लेखक घनश्याम साहू के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया और पूरे घटनाक्रम को अधिवक्ताओं के सम्मान पर सीधा हमला बताया।संरक्षक रियाज खान, राजेश सोनी तथा अध्यक्ष विनय बंजारे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने उपपंजीयक रविशंकर देवांगन के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए साफ कहा कि अधिवक्ताओं के कार्यों में दखलअंदाजी, अपमान और बदसलूकी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिवक्ताओं का आरोप था कि दस्तावेज लेखक द्वारा न केवल एक अधिवक्ता के पेशेवर कार्य में बाधा डाली गई, बल्कि खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग कर अधिवक्ता समुदाय का अपमान किया गया।मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कार्यालय परिसर में तीखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित अधिवक्ताओं के तेवर इतने कड़े थे कि प्रशासनिक अमले को स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक नहीं लगी तो उपपंजीयक कार्यालय में बैठने वाले सभी दस्तावेज लेखकों और टाइपिस्टों के लाइसेंस एवं वैधानिक दस्तावेजों की व्यापक जांच की मांग उठाई जाएगी।
बढ़ते दबाव और अधिवक्ताओं के आक्रामक रुख के बीच आखिरकार दस्तावेज लेखक घनश्याम साहू को झुकना पड़ा। उन्होंने उपपंजीयक कार्यालय, अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा उपस्थित पक्षकारों के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। साथ ही भविष्य में किसी भी अधिवक्ता के साथ अभद्रता या अपमानजनक व्यवहार नहीं करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद अधिवक्ता संघ ने मामले को शांत किया, लेकिन अध्यक्ष विनय बंजारे ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि आगे यदि किसी भी अधिवक्ता के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश हुई तो तहसील अधिवक्ता संघ सड़कों से लेकर प्रशासनिक स्तर तक निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।इस दौरान बाबूलाल सिंहा, दिलीप तिवारी, सुलेखा सोनी, एच एस सिंहा, एन पी सिंहा, लक्ष्मण नायक, कुलेश्वर साहू, टूमन साहू, प्रवीण साहू, पैमान साहू, ए आर दिल्लीवार, रविकांत सोनकर, निश्चल तारम, गिरीश साहू, भिनेंद्र यादव, चंद्रभान निषाद, गौरी मार्कण्डेय, सलमा रिज़वी, महेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे।



