वंदे मातरम् के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
राष्ट्रगौरव के अपमान पर भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश — दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

संपादक :- मीनू साहू
दल्ली राजहरा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर दल्ली राजहरा में राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। इस मामले में
नगर पालिका दल्ली राजहरा के वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद एवं भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता वीरेंद्र कुमार साहू द्वारा थाना दल्ली राजहरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय भावना और देश की अस्मिता से जुड़े प्रतीक का कथित अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल शब्दों का समूह या एक सामान्य गीत नहीं है, बल्कि यह भारत की आजादी के संघर्ष, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय गौरव है। ऐसे पवित्र राष्ट्रीय गीत के प्रति किसी भी प्रकार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी या अपमानजनक व्यवहार देश की भावनाओं को आहत करने वाला विषय है, जिसकी गंभीरता से जांच आवश्यक है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है, तो ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के सम्मान और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा विषय है। प्रत्येक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाए।
दल्ली राजहरा से उठी इस मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने बालोद, गुरूर सहित पूरे क्षेत्र के राष्ट्रप्रेमी नागरिकों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्र की गरिमा से जुड़े प्रतीकों का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। इन विषयों पर चुप्पी साधना भी समाज के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वीरेंद्र कुमार साहू द्वारा दिए गए आवेदन की निष्पक्ष और शीघ्र जांच की जाए। यदि जांच में आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए जाते हैं और कोई संज्ञेय अपराध बनता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्र की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार राष्ट्रीय सम्मान और देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का माध्यम नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हर भारतीय राष्ट्रीय गौरव और सम्मान के विषय पर जागरूक रहे। ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा से जुड़ा हुआ है और इसके सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
वीरेंद्र कुमार साहू द्वारा उठाया गया कदम यही संदेश देता है कि राष्ट्रीय सम्मान के मुद्दों पर संवैधानिक तरीके से आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का अधिकार है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्र का सम्मान सर्वोपरि है और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संकल्प स्पष्ट है—
राष्ट्र का सम्मान सर्वोपरि।
राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा सर्वोपरि।
वंदे मातरम् के सम्मान से कोई समझौता नहीं।



