धर्म-अध्यात्म
आज सावन शिवरात्रि: जानिए शिवलिंग पर जल अर्पण के नियम, पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताए विशेष सूत्र

आज सावन माह की शिवरात्रि है, जो भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। इस दिन भक्तगण विशेष रूप से शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म चढ़ाकर भोलेनाथ को प्रसन्न करते हैं। मान्यता है कि यदि इस दिन श्रद्धा-भक्ति से शिवलिंग पर मात्र एक लोटा जल चढ़ाया जाए, तो भक्त की हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है।
सिहोर निवासी और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
जानिए शिवलिंग पर जल अर्पण की शुद्ध विधि:
- सबसे पहले माता पार्वती के हस्त कमल पर जल अर्पित करें। इससे पूजा की शुद्धता बढ़ती है और पापों का नाश होता है।
- इसके बाद शिवलिंग के पांच पवित्र स्थानों पर क्रम से जल अर्पित करें:
- गणेश जी के स्थान पर
- भगवान कार्तिकेय के स्थान पर
- माता पार्वती के हस्त कमल पर (दोबारा)
- शिवलिंग पर
- शिवलिंग के ऊपर स्थित कलश में
पंडित मिश्रा ने शिव पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पद्धति न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं से मुक्ति भी प्रदान करती है।



